जाँच में पता चला कि सादत हुसैन अल्फी की आईडी से जो पोस्ट हुआ, उसने खुद ही किया था। इसके बाद से एनआईटी सिलचर से माँग की जा रही है कि वो सादत हुसैन अल्फी के सर्टिफिकेट न जारी करे और उस पर रोक लगा दे।
संजय रॉय ने जिस मोटरसाइकल को घटना वाले दिन इस्तेमाल किया उस बाइक का रजिस्ट्रेशन कोलकाता कमिश्नर के नाम पर हो रखा था। कोलकाता पुलिस ने इस संबंध में सफाई भी दी है।
पीड़िता पढ़ाई छोड़ कर शामली के झिंझाना स्थित अपने गाँव वापस आ गई। इसके बावजूद ज़ाकिर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और किसी परिचित के साथ पीड़िता के गाँव तक पहुँच गया।
"जो नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले हैं उनका एक ही ठिकाना जहन्नुम है। महंत रामगिरी महाराष्ट्र में, जहाँ भी है वो चैन से नहीं बैठ सकता, ये फैसला है मेरे अल्लाह का।"
सबा नकवी की समस्या ये है कि मीडिया में क्यों मुस्लिम दोषियों का नाम उजागर किया गया और योगेंद्र यादव की दिक्कत ये है कि क्यों उनका नाम फ्रंट पेज पर छापा गया।