सेबी ने पिछले 2 वर्षों में 300 सर्कुलर जारी किए हैं, ताकि कारोबार करना आसान होता जाए। बोर्ड के सभी सदस्य हितधारकों से राय-विचार के बाद ही फैसले लेते हैं।
क्या छात्राएँ शुरू से ही कॉलेज में पढ़ती थीं और अपनी खुद की मर्जी से हिजाब बाँध कर आईं थीं। जाँच का दूसरा बिंदु यह है कि छात्राओं को ड्रेस कोड की जानकारी थी या नहीं।