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प्रतिबंध किस पर है? कम्युनिस्टों के खिलाफ बोलने पर या देश के वीरों की गाथाएँ सुनाने पर

दोनों पुस्तकों के पिछले कई महीनों से बाज़ार में उपलब्ध होने का अर्थ यह है कि इनके पाठकों की संख्या उनसे कई गुना अधिक है जो निमंत्रण पाकर या गाहे बगाहे बुक लॉन्च में पहुँचते। बुक लॉन्च जैसे आयोजन लेखकों को अपनी वह बात कहने का मंच देते हैं जो वे पुस्तक में नहीं लिख पाते।

नेता के बोल: कंट्रोल नेता जी, कंट्रोल!

हलचल 2019: नेता जी, पार्टी में हैं?

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सेना से सबूत माँगने वाले जब हेमंत करकरे के लिए बिलबिलाते हैं तो क्यूट लगते हैं

आपको सेना के जवानों से सबूत माँगते वक्त लज्जा नहीं आई, आपको एयर स्ट्राइक पर यह कहते शर्म नहीं आई कि वहाँ हमारी वायु सेना ने पेड़ के पत्ते और टहनियाँ तोड़ीं, आपको बटला हाउस एनकाउंटर वाले अफसर पर कीचड़ उछालते हुए हया नहीं आई, लेकिन किसी पीड़िता के निजी अनुभव सुनकर आपको मिर्ची लगी कि ये जो बोल रही है, वो तो पूरी पुलिस की वर्दी पर सवाल कर रही है।

कॉन्ग्रेस शासन के अधिकारी RVS मणि ने बयान किया हेमंत करकरे और ‘भगवा आतंक’ के झूठ का सच

यह भी सच है कि कई सवाल न केवल अंदरूनी सूत्र आरवीएस मणि और पीड़िता साध्वी प्रज्ञा द्वारा उठाए गए हैं, बल्कि कई अन्य लोगों ने उनके आचरण और मिलीभगत के बारे में ‘भगवा आतंक’ का झूठ गढ़ने के लिए उठाए हैं। सच्चाई शायद बीच में कहीं है। लेकिन साध्वी प्रज्ञा की आवाज़ को चुप कराने की कोशिश करने वाले, इन तमाम मीडिया गिरोहों से कोई भी उम्मीद करना बेमानी है।

पश्चिम बंगाल में निर्वाचन अधिकारी लापता, चुनाव आयोग ने की रिपोर्ट तलब

उनके दोनों मोबाइल फोन बंद हैं और उनकी अंतिम लोकेशन नदिया जिले में शांतिपुर के पास की बताई जा रही है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शांतिपुर के बाद उनकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है क्योंकि वहाँ से उनका फोन बंद आ रहा है।

साध्वी प्रज्ञा को गोमाँस खिलाने वाले, ब्लू फिल्म दिखाने वाले लोग कौन थे?

साध्वी प्रज्ञा को जख्मी फेफड़ों के साथ अस्पताल में 3-4 फ्लोर तक चढ़ाया जाता था। ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी जाती थी और उन्हें तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता था। लगातार 14 दिन की प्रताड़नाओं के बीच साध्वी प्रज्ञा की रीढ़ की हड्डी भी टूट गई थी, इसी बीच उन पर एक और केस फाइल कर दिया गया।

बाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या: योगी आदित्यनाथ

बता दें कि इससे पहले उनके बयान, "उनके साथ अली हैं तो हमारे साथ बजरंग बली हैं" चुनाव आयोग ने इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उन पर 72 घंटों का प्रतिबन्ध लगा चुका है।

टुकड़े-टुकड़े गैंग को समर्थन देकर कॉन्ग्रेस अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गई: जावड़ेकर

विपक्षी पाटीदारों की निंदा करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि वे जानते हैं कि वे हारने वाले हैं और इसलिए वे EVM के इस्तेमाल के बहाने भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जानती है कि वो हारने वाले हैं और इसलिए वो अपनी हार का कोई न कोई बहाना ढूँढने में व्यस्त है।

रोहित शेखर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौकाने वाले खुलासे, मौत को अप्राकृतिक बताया गया

रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत को आप्राकृतिक बताया गया है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जाँच क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।

बलात्कार का आरोपी ‘अतानासियो मोंसेरेट’ कॉन्ग्रेस में शामिल, उत्पल पर्रिकर के ख़िलाफ़ लड़ने की संभावना

मोंसेरेट को राजनीतिक दल बदलने की आदत है। उसने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत यूनाइटेड गोअन डेमोक्रेटिक पार्टी (UGDP) के सदस्य के रूप में की, फिर 2004 में भाजपा में शामिल हुआ और 2007 में UGDP में वापस आ गया।

रवीश जी, साध्वी प्रज्ञा पर प्राइम टाइम में आपकी नग्नता चमकती हुई बाहर आ गई (भाग 4)

रवीश एक घोर साम्प्रदायिक और घृणा में डूबे व्यक्ति हैं जो आज भी स्टूडियो में बैठकर मजहबी उन्माद बेचते रहते हैं। साम्प्रदायिक हैं इसलिए उन्हें मुसलमान व्यक्ति की रिहाई पर रुलाई आती है, और हिन्दू साध्वी के चुनाव लड़ने पर यह याद आता है कि भाजपा नफ़रत का संदेश बाँट रही है।

इलाहाबाद HC ने कॉन्ग्रेस के ‘न्याय योजना’ पर पार्टी से माँगा जवाब, योजना को बताया रिश्वतखोरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि इस तरह की घोषणा वोटरों को रिश्वत देने की कैटगरी में क्यों नहीं आती और क्यों न पार्टी के खिलाफ पाबंदी या दूसरी कोई कार्रवाई की जाए? कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग से भी जवाब माँगा है।

गेस्ट हाउस कांड भुला मैनपुरी में 24 साल बाद मुलायम से मिलने पर मायावती ने कहा: ‘जनहित में लेने पड़ते हैं कठिन फैसले’

"देश-आमहित में और पार्टी के मूवमेंट के हित में कभी-कभी हमें ऐसे कठिन फैसले लेने पड़ते हैं जिसको आगे रखकर ही हमने देश के वर्तमान हालातों के चलते हुए यूपी में एसपी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने का फैसला किया है।"

रजनी ने डाला वोट, चुनाव आयोग ने माँगी रिपोर्ट

ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि अभिनेता रजनीकांत का नाम किसी विवाद से जुड़ा हो। 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान, वीडियो में उन्हें किसी विशेष पार्टी के उम्मीदवार के लिए समर्थन करते दिखाया गया था।