Article 370: भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, उच्चायुक्त ने कश्मीर को बताया आंतरिक मसला

"भारत सरकार ने कहा है कि यह उसका आंतरिक मामला है। हम इस पर भारतीय स्थिति का सम्मान करते हैं। ऑस्ट्रेलिया का कश्मीर पर लंबे समय से विचार है कि इसे भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना चाहिए।"

दुनिया भर के कई अन्य देशों की तरह, ऑस्ट्रेलिया ने भी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करने के भारत के कदम का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त हरिंदर सिद्धू ने शुक्रवार (अगस्त 30, 2019) को कश्मीर पर भारत के फैसले के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने का भारत का निर्णय, देश का आंतरिक मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर मुद्दे को दोनों देशों को द्विपक्षीय रूप से हल करना चाहिए।

एएनआई से बात करते हुए सिद्धू ने कहा, “भारत सरकार ने कहा कि यह उसका आंतरिक मामला है। हम इस पर भारतीय स्थिति का सम्मान करते हैं। ऑस्ट्रेलिया का कश्मीर पर लंबे समय से विचार है कि इसे भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना चाहिए।”

उन्होंने उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शाँति होगी और फिर बाद में घाटी में धीरे-धीरे आर्थिक विकास होगा। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देश संयम से काम लेंगे और इस प्रक्रिया में लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण होने से आर्थिक विकास में वृद्धि होगी।

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गौरतलब है कि, 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया थे। साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो भागों में विभाजित कर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। इसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और परमाणु युद्ध की धमकी भी दे रहा है। पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर विश्व से मदद की गुहार लगाई और संयुक्त राष्ट्र से भी संपर्क किया। लेकिन पाकिस्तान को मुँह की खाना पड़ी। सभी ने इस मुद्दे को द्विपक्षीय करार देते हुए टिप्पणी से इनकार कर दिया।

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