Pak: सुषमा की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद हिन्दू नाबालिग लड़कियों के जबरन धर्मान्तरण के मामले में 7 गिरफ़्तार

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के हिन्दू सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने कहा कि जबरन धर्मांतरण के खिलाफ तैयार किए गए विधेयक को प्राथमिकता के आधार पर असेंबली में पेश एवं पारित कराया जाना चाहिए।

पाकिस्तान स्थित घोटकी में 2 नाबालिग हिन्दू लड़कियों के जबरन धर्मान्तरण के मामले में पाकिस्तान में 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। इसमें एक निक़ाह कराने वाला अधिकारी भी शामिल है। शनिवर (मार्च 23, 2019) को इस मामले के 2 अलग-अलग वीडियो के वायरल होने के बाद पाकिस्तान सरकार हरकत में आई। पाक सरकार पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सक्रियता के करण भी दबाव बना हुआ था। बता दें कि भारतीय विदेश मंत्री ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय उच्चायोग को इस मामले की रिपोर्ट सौंपने को कहा था। इसके बाद बौखलाए पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी ने सुषमा के इस काम पर आपत्ति जताई थी। सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी मंत्री को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यह जता दिया था कि हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए भारत प्रतिबद्ध है।

वायरल हुई वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियों के भाई एवं पिता नाबालिग लड़कियों के जबरन इस्लामिक धर्मान्तरण की बात कह रहे हैं। वहीं, एक मौलवी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए कहा कि लड़कियों ने इस्लाम से ‘प्रेरित’ होकर स्वेच्छा से उसे अपनाया। 20 मार्च को लड़कियों के परिवार वालों ने इस मामले की एफआईआर भी दर्ज कराइ थी। पाकिस्तानी न्यूज़ पोर्टल डॉन में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, पाकिस्तानी पुलिस अधिकारियों ने भी नाबालिग हिन्दू लड़कियों के घर का दौरा किया। उनकी बरामदगी के लिए सिंध के मुख्यमंत्री ने अपने पंजाबी समकक्ष से बातचीत भी की है।

दो लड़कियों के जबरन धर्मान्तरण पर Pak मंत्री ने की सुषमा को ट्रोल करने की कोशिश, हुए बेइज्जत

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लेकिन, स्थानीय मेघवाल समुदाय के नेता शिव लाल ने पाकिस्तान सरकार व अधिकारियों द्वारा कही गई बातों को बस ज़बानी जमा-ख़र्च बताया। उन्होंने कहा कि अगर लड़कियों ने इस्लाम अपनाया है तो उन्हें अदालत के समक्ष क्यों नहीं पेश किया जा रहा? उन्होंने कहा कि दोनों ही लड़कियों की उम्र 18 वर्ष से कम है, अतः उनके जबरन धर्मान्तरण और शादी का मामला न्यायालय में जाएगा। स्थानीय दाहरकी पुलिस थाने के आगे नाराज़ मेघवाल समुदाय के लोगों ने धरना प्रदर्शन भी किया। अपने हाथ में बैनर लिए इन लोगों की नाराज़गी इस बात को लेकर थी कि 7 दिन बीत जाने के बावजूद उन लड़कियों को बरामद नहीं किया जा सका है।

प्रदर्शन के दौरान पीड़ित नाबालिग हिन्दू लड़कियों के पिता ने ख़ुद के शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह की कोशिश की लेकिन स्थानीय लोगों ने किसी तरह से उन्हें बचा लिया। ज्ञात हो कि होली की पूर्व संध्या पर दो किशोर हिंदू लड़कियों, 13 वर्षीय रवीना और 15 वर्षीय रीना का अपहरण करके उन्हें पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अपने उम्र से बहुत बड़े मुस्लिम पुरुषों से जबरन शादी करने के लिए मजबूर किया गया। हिन्दू किशोरियों पर हुए इस अत्याचार ने पूरे विश्व में लोगों को पाकिस्तान में हिन्दुओं के हालात पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया।

‘मेरी दोनों बेटियों को मुसलमान बना दिया, अब मुझे गोली मार दो’

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के हिन्दू सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने कहा कि जबरन धर्मांतरण के खिलाफ तैयार किए गए विधेयक को प्राथमिकता के आधार पर असेंबली में पेश एवं पारित कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “धर्म के नाम पर नफरत की शिक्षा देने वाले सभी लोगों से प्रतिबंधित धार्मिक संगठनों की तरह निपटा जाना चाहिए।

लड़कियों के पिता का दिल दहला देने वाला वीडियो अब वायरल हुआ है। इसमें वो बेबस होकर दहाड़े मारकर रो रहे हैं और पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने का अनुरोध कर रहे हैं। इनकी दोनों बेटियों का अपहरण कर लिया गया है और उनका धर्मांतरण कर निकाह करा दिया गया। सुषमा स्वराज के ट्वीट के बाद पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने उन्हें ट्रोल करने की कोशिश की। लेकिन, वो ख़ुद ही अपनी बेइज्जती करा बैठे।

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अलीगढ़
भीड़ ने जब मंदिर और पुलिस पर ज्यादा पथराव किया तो बदले में पुलिस ने पत्थरबाजों पर आँसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और धरना दे रहीं महिलाएँ भी भाग गईं। देहलीगेट और ऊपरकोट इलाके में सुबह से जारी जुलूस प्रदर्शनों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।

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