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गुरुग्राम में दलेर मेहंदी का फार्म हाउस सील: डेढ़ एकड़ में किया था अवैध निर्माण, NGT ने करवाई कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फार्म हाउस के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह ​कार्रवाई जिला नगर नियोजक अधिकारी (डीटीपी) अमित मधोलिया ने की है। उन्होंने बताया कि ये झील के जलाशय क्षेत्र में बनाए गए अनधिकृत फार्महाउस थे।

पंजाबी गायक दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) का हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित फार्म हाउस सील कर दिया गया है। उन पर अवैध तरीके से फार्म हाउस बनाने का आरोप लगा है। इसके अलावा प्रशासन ने मंगलवार (29 नवंबर 2022) को दो अन्य फार्म हाउस भी सील कर दिए। बताया जा रहा है कि ये तीनों फार्म हाउस सोहना में दमदमा झील के पास थे और अवैध रूप से बनाए गए थे। इसमें एक फार्म हाउस गायक दलेर मेहंदी का भी है, जो करीब डेढ़ एकड़ में फैला हुआ है।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की गई है, क्योंकि अरावली की पहाड़ियों को नुकसान पहुँचाया जा रहा था। यह ​कार्रवाई जिला नगर नियोजक अधिकारी (डीटीपी) अमित मधोलिया ने की है। उन्होंने बताया कि ये झील के जलाशय क्षेत्र में बनाए गए अनधिकृत फार्महाउस थे। तीनों फार्महाउस को सील कर दिया गया है। इन्हें बिना किसी अनुमति के अरावली रेंज में विकसित किया गया था। एनजीटी के आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

क्या है कबूतरबाजी मामला

दलेर मेहंदी का विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले भी वह कई बार विवादों में फँस चुके हैं। साल 2003 में दलेर मेहंदी के खिलाफ कबूतरबाजी (मानव तस्करी) का आरोप लगा था। इस मामले में पटियाला की सेशन कोर्ट ने 2 साल जेल की सजा सुनाई थी। उन पर 2000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। इससे पहले पटियाला के ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट ने भी मेंहदी को यही सजा सुनाई थी, जिसे सेशन कोर्ट में चुनौती दी गई थी। 14 जुलाई 2022 को उन्हें गिरफ्तार कर पटियाला सेंट्रल जेल में भेज दिया गया था। इसके बाद उनकी तरफ से जमानत के लिए पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। पहले उनकी याचिका को खारिज किया गया था, लेकिन फिर उन्हें सितंबर 2022 में रिहा कर दिया गया था।

लोगों को अवैध तरीके से विदेश भेजने को कबूतरबाजी कहते हैं। इस शब्द का इस्तेमाल पंजाब में अधिक किया जाता है। 2003 में पटियाला के थाना सदर की पुलिस ने बलवेड़ा गाँव के रहने वाले बख्शीश सिंह की शिकायत पर दलेर मेंहदी, उनके भाई शमशेर सिंह, ध्यान सिंह और बुलबुल मेहता के खिलाफ कबूतरबाजी का केस दर्ज किया था। आरोप था कि इन सभी ने लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की थी।

बख्शीश सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में ये आरोप लगाया था कि दलेर मेंहदी ने उनसे विदेश भेजने का वादा किया था। इसके बदले में उन्होंनें उनसे 13 लाख रुपए लिए थे। हालाँकि, बाद में वो इससे पलट गए। उन्होंने न तो उन्हें विदेश भेजा और न ही पैसे वापस किए। दलेर मेंहदी और उनके भाई शमशेर सिंह के खिलाफ कुल 31 केस दर्ज किए गए थे।

इस केस में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दलेर मेंहदी को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई थी। कोर्ट की इसी सजा को उन्होंने चुनौती दी थी। लेकिन, पटियाला सेशन कोर्ट ने उन्हें झटका देते हुए उनकी सजा को बरकरार रखा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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