Homeदेश-समाजइस्लामी ब्रेनवॉश कितना खतरनाक? सौरव को पहले सलीम बनाया, फिर 'आतंकी प्रोफेसर'; बीवी कह...

इस्लामी ब्रेनवॉश कितना खतरनाक? सौरव को पहले सलीम बनाया, फिर ‘आतंकी प्रोफेसर’; बीवी कह रही- मेरा रब लाएगा उन्हें बाहर

"अल्लाह के यहाँ क्या जवाब दोगे? लानत होगी इनको? औलादें इनकी भी हैं, जवाब इनको भी देना है। इन लोगों को मेरे बच्चों की बद्दुआ लगेगी। अल्लाह पर भरोसा है कि वो इस मुश्किल दौर उन्हें (सलीम) बाहर निकालेगा।"

इस्लामी कट्टरपंथियों का ब्रेनवॉश कितना खतरनाक होता है, यह फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) में दिखाया गया है। केरल में गैर मुस्लिम लड़कियों ने ब्रेनवॉश के बाद न केवल धर्म बदला, बल्कि इस्लामिक स्टेट जैसे खतरनाक आतंकी संगठन का हथियार भी बन गईं। इस खतरनाक ब्रेनवॉश का एक रूप मध्य प्रदेश में हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के पर्दाफाश के बाद भी सामने आया है। भोपल के सौरभ राजवैद्य को पहले मोहम्मद सलीम बनाया गया। फिर वह भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने के मिशन पर चल निकला। अब उसके गिरफ्तार होने के बाद उसकी बीवी रायला कह रही है कि उसके शौहर को उसका रब बाहर लाएगा।

रायला का धर्मांतरण शादी के बाद सौरभ ने ही करवाया था। पहले उसका नाम मानसी हुआ करता था। HUT के कट्‌टरपंथी सरगना सौरभ उर्फ मोहम्मद सलीम की गिरफ्तारी के बाद से उसकी बीवी और दोनों बेटे (यूसुफ और इस्माइल) भी हैदराबाद में ATS की निगरानी में हैं। रायला का कहना है कि उसे इस्लाम कबूल करने का कोई मलाल नहीं है। इस समय वह मुश्किल में है, लेकिन उसे अल्लाह पर पूरा भरोसा है।

रायला मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की रहने वाली है। भोपाल में कम्यूटर साइंस में ग्रेजुएट है और एमबीए भी किया। 2010 में एक प्राइवेट कॉलेज में नौकरी करने के दौरान उसकी पहचान सौरभ से हुई थी। फिर दोनों ने शादी कर ली। दैनिक भास्कर से बातचीत में रायला ने सलीम पर देशद्रो​ह के आरोप को लेकर कहा, “पहली बात तो उन्हें सलीम नहीं, डॉक्टर सलीम कहिए। वह पीएचडी हैं और एक कॉलेज में नौकरी करते थे। उनके पास दूसरी चीजों के लिए वक्त ही नहीं था। एटीएस वाले सोच रहे हैं कि कुछ मिल जाए तो हम केस बना देंगे। क्या मिला मेरे घर से? बच्चों की बंदूकें उठाकर ले गए। आपने किसी का पूरा करियर बर्बाद कर दिया, कभी सोचा उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं उनका क्या होगा?”

सलीम की देश विरोधी गतिविधियों को लेकर जाँच एजेंसी के पास सबूत होने पर वह कहती है, “अगर ऐसा होता, तो मेरे शौहर मुझे कभी बताते नहीं? क्या मुझे उनकी गतिविधियों पर संदेह नहीं होता। हम केवल एक नॉर्मल सिटीजन की लाइफ जी रहे थे। केवल इस्लाम कबूल करने के कारण एटीएस हमें परेशान कर रही है। एटीएस ने मेरे शौहर की पीएचडी दाँव पर लगा दी, उनकी जॉब दाँव पर लगा दी। बताइए क्या हम अपने घर में सुरक्षित हैं? किताबें भी क्या हम उनसे पूछकर पढ़ें कि हमें क्या पढ़ना है और क्या नहीं पढ़ना है?”

शौहर सलीम पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए रायला ने कहा, “उनके पास पॉवर है, तो क्या वे किसी भी आम इंसान की जिंदगी बर्बाद कर देंगे? अल्लाह के यहाँ क्या जवाब दोगे? लानत होगी इनको? औलादें इनकी भी हैं, जवाब इनको भी देना है।” उसने आगे कहा, “इन लोगों को मेरे बच्चों की बद्दुआ लगेगी। अल्लाह पर भरोसा है कि वो इस मुश्किल दौर उन्हें (सलीम) बाहर निकालेगा।”

कमाल ने किया ब्रेनवॉश, जाकिर नाईक ने धर्मांतरण

इससे पहले मीडिया को सौरभ के माता-पिता ने बताया था कि वीआईटी कॉलेज में पढ़ाने के दौरान सौरभ की मुलाकात प्रोफेसर कमाल से हुई थी। कमाल ने ही उसका ब्रेनवॉश किया और उसकी मुलाकात मुंबई ले जाकर जाकिर नाईक से करवाई। पिता के अनुसार, नाईक ने भोपाल में कई लोगों को कन्वर्ट किया था। उनके बेटे के धर्मांतरण में भी नाईक का हाथ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यह आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय’: अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को PM मोदी ने लिखा पत्र, ये 5 संकल्प अपनाने...

PM मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ देते हुए स्वच्छता, सुरक्षा, स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की है।

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।
- विज्ञापन -