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फ्री में नहीं मिला जामुन, इसलिए जनजातीय महिला की पूरी टोकरी फेंकी: बिहार पुलिस के जवान पर लगा आरोप, जमुई पुलिस ने बताई ‘हकीकत’ कुछ अलग

इस पूरे घटनाक्रम में जमुई पुलिस ने आरोपित महेश सिंह को पूरी तरह पाक साफ बताया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित महेश सिंह कैदी वाहन से उतरकर जामुन की टोकरी हटा रहा था। लेकिन जल्दबाजी में टोकरी उसके हाथ से छूटकर गिर गई, इससे जामुन भी बिखर गए।

बिहार के जमुई में एक पुलिस जवान पर जामुन बेच रही जनजातीय महिला की टोकरी फेंकने का आरोप लगा है। आरोपित की पहचान कैदी वाहन चालक महेश सिंह के रूप में हुई। पीड़ित महिला का आरोप है कि महेश उससे कमीशन के तौर पर मुफ्त में जामुन माँग रहा था। लेकिन उसने जामुन देने से मना कर दिया। ऐसे में महेश ने उसकी टोकरी उठाकर फेंक दी। हालाँकि आरोपित पुलिस जवान और जमुई पुलिस ने आरोपों का खंडन किया है।

मामला जमुई के कचहरी चौक का है। इस इलाके में जामुन समेत कई तरह दुकानें हैं। जनजातीय महिलाएँ रोज की तरह सड़क किनारे जामुन बेच रहीं थीं। आरोप है पुलिस जवान महेश सिंह महिलाओं के पास आया और उनसे कमीशन के तौर पर जामुन माँगने लगा। चूँकि महिलाएँ जंगल से जामुन चुनकर जमुई लाकर बेचती हैं और यही इन महिलाओं की रोजी-रोटी का साधन है, इसलिए उन्होंने महेश सिंह को जामुन देने से इनकार दिया।

इस पर आरोपित पुलिस जवान महेश सिंह ने उसकी जामुन की टोकरी उठाकर सड़क पर फेंक दी। इससे पूरे जामुन सड़क पर ही बिखर गए। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता महिला का कहना है कि महेश सिंह आए दिन एक-दो किलो जामुन फ्री में लेकर चला जाता था। घटना वाले दिन भी वह यही करना चाहता था। उसने जबरदस्ती जामुन उठाने की कोशिश की थी। मना करने पर उसने पूरी जामुन सड़क पर फेंक दिया।

वहीं एक अन्य महिला का कहना है कि महेश सिंह जामुन खाकर बहुत सारी जामुन साथ ले जाता था। घटना के दिन जब ऐसा हुआ तो महिला ने विरोध किया। इस पर महेश ने कहा कि वह उन्हें जामुन नहीं बेचने देगा। उसने गालियाँ देकर मारपीट की फिर जामुन फेंक दिया। कहा जा रहा है कि पुलिस कर्मी की ऐसी हरकत को देखकर मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई थी। ऐसे में मामले को रफा दफा करने के लिए पुलिस जवान ने पीड़ित महिला को 400 रुपए देकर मामला शांत करा दिया।

वहीं, पुलिस जवान चालक महेश सिंह ने अपनी सफाई में कहा है कि उसने कभी किसी की एक भी जामुन नहीं खाया। उसने तो सिर्फ महिला को कहा था कि इस रास्ते से कैदी वाहन गुजरता है। इसलिए अपनी जामुन हटा लो। लेकिन उसने नहीं हटाई। इस पर महेश ने खुद ही टोकरी हटा दी। इस पूरे मामले में डीएसपी अभिषेक सिंह ने कहा है कि यदि आरोपित पुलिस जवान इस तरह की हरकत की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम में जमुई पुलिस ने आरोपित महेश सिंह को पूरी तरह पाक साफ बताया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित महेश सिंह कैदी वाहन से उतरकर जामुन की टोकरी हटा रहा था। लेकिन जल्दबाजी में टोकरी उसके हाथ से छूटकर गिर गई, इससे जामुन भी बिखर गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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