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अरुणाचल प्रदेश के दो भारतीय युवकों को चीन की सेना ने किया अगवा, एक भागने में रहा कामयाब: बीजेपी सांसद ने बताया

2020 में चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश के अप्पर सुबानसिरी जिले से 5 भारतीय युवकों को अगवा कर लिया था। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद इन युवकों को रिहा कर दिया गया था।

चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश के एक 17 वर्षीय किशोर को अगवा कर लिया है। बीजेपी सांसद तापिर गाओ (Tapir Gao) ने ट्वीट कर यह बात कही है। अगवा किए गए किशोर की पहचान मीरम तरोन (Miram Taron) के तौर पर की गई है। वह जीडो गाँव का रहने वाला है। उसे 18 जनवरी 2022 को अप्पर सियांग जिले से अगवा करने की बात कही जा रही है।

सांसद ने बताया है कि उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक को घटना से अवगत कराया है। केंद्रीय एजेंसियों से तरोन की जल्द सुरक्षित रिहाई के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया है कि तरोन को उसके दोस्त जॉनी यइयिंग (Johny Yaiying) के साथ चीन की सेना ने अगवा कर लिया था। लेकिन वह किसी तरह चीनी सेना के कब्जे से भागने में सफल रहा। इसके बाद तरोन के अपहरण की बात सामने आई।

सांसद ने तरोन की फोटो शेयर करते हुए बताया है कि जिस लुंगता जोर इलाके से उसे अगवा किया गया वहाँ 2018 में चीन ने 3-4 किलोमीटर सड़क बना ली थी। इसी जगह से शियांग नदी अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है। शियांग नदी ही भारत में ब्रह्मपुत्र के नाम से जानी जाती है।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस संबंध में भारतीय सेना ने चीन की सेना से संपर्क किया है। चीनी अधिकारियों ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए उसे लौटाने का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि सितंबर 2020 में चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश के अप्पर सुबानसिरी जिले से 5 भारतीय युवकों को अगवा कर लिया था। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद इन युवकों को रिहा कर दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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