Homeदेश-समाजहोटल में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप और वीडियो रिकॉर्डिंग: आरोपित अफ़रोज़ गिरफ़्तार, एहतेशाम फ़रार

होटल में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप और वीडियो रिकॉर्डिंग: आरोपित अफ़रोज़ गिरफ़्तार, एहतेशाम फ़रार

पीड़िता 11वीं कक्षा की छात्रा है। अफ़रोज़ इसी इलाक़े में परिवार के साथ रह रही पीड़िता का पड़ोसी है। पीड़िता को अफ़रोज़ ने बहाने से पहाड़गंज स्थित एक होटल में बुलाया। जब वो वहाँ पहुँची, तो अफ़रोज़ का दोस्त एहतेशाम वहाँ पहले से ही मौजूद था और...

दिल्ली के पहाड़गंज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ विशेष समुदाय के लोगों द्वारा एक नाबालिग छात्रा के साथ रेप किया गया। आरोपितों ने 17 वर्षीय छात्रा को एक होटल में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पोक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि पोक्सो एक्ट 2012 के मई महीने में संसद से पास किया गया था। पुलिस ने एक आरोपित अफ़रोज़ को गिरफ़्तार कर लिया है जबकि दूसरे आरोपित एहतेशाम की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता 11वीं कक्षा की छात्रा है, जो हरिनगर के सरकारी स्कूल में पढ़ती है। अफ़रोज़ इसी इलाक़े में परिवार के साथ रह रही पीड़िता का पड़ोसी है। छात्रा के अनुसार, गत वर्ष सितम्बर में अफ़रोज़ उसे बहाने से पहाड़गंज स्थित एक होटल में ले गया। होटल का नाम किंग कैस्टल बताया जा रहा है। जब वो वहाँ पहुँची, तो अफ़रोज़ का दोस्त एहतेशाम वहाँ पहले से ही मौजूद था। दोनों ने नाबालिग को पहले तो जान से मारने की धमकी दी, उसके बाद उसके साथ रेप किया।

इतना ही नहीं, आरोपितों ने हैवानियत की हदें पार करते हुए इस कुकृत्य का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद आरोपितों ने छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वो छात्रा को गैंगरेप वाला वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगे। वीडियो सार्वजनकि करने की धमकी देकर आरोपितों ने नोएडा में छात्रा का फिर से रेप किया। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों को सारी बातें बताई। परेशान किशोरी ने 16 मार्च को पहाड़गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके पाद पुलिस सक्रिय हुई।

पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया और उसके बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। शिकायत दर्ज होने के बाद दोनों ही आरोपित फ़रार थे। इसमें से एक को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया, जिसका नाम अफ़रोज़ है। एहतेशाम अभी भी फ़रार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -