Homeदेश-समाजसॉफ्टवेयर कंपनी के 'खड़ूस बॉस' को सेक्स चैट में फँसाया, फिर पत्नी से लेकर...

सॉफ्टवेयर कंपनी के ‘खड़ूस बॉस’ को सेक्स चैट में फँसाया, फिर पत्नी से लेकर HR तक को भेज दी नंगी तस्वीरें: ‘टॉर्चर’ का कर्मचारियों ने लिया ‘अजीब इंतकाम’

फेक अकाउंट से दोनों कर्मचारियों ने करीब चार महीने पहले बॉस के साथ सेक्स चैट शुरू किया। उसे एक वेबसाइट से डाउनलोड की गई कुछ नंगी तस्वीरें भेजी। बॉस उनके जाल में उलझ गया। उसे लगा कि वह किसी महिला के साथ चैट कर रहा है। उसने भी अपनी नंगी तस्वीरें भेज दी।

खड़ूस बॉस से बदला लेने की ऐसी कहानी आपने शायद ही सुनी हो! गुजरात के वडोदरा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी के बॉस से बदला लेने के लिए दो कर्मचारियों ने उसे हनीट्रैप में उलझाया। फिर उसकी नंगी तस्वीरें उसकी पत्नी से लेकर कंपनी के एचआर तक को भेज दी। तीन महीने तक टॉर्चर झेलने के बाद जब बॉस ने पुलिस से शिकायत की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस ने आईपी एड्रेस के माध्यम से हनीट्रैप का जाल बिछाने वाले लोगों का पता लगाया तो दोनों उसी कंपनी के पूर्व कर्मचारी निकले। इनमें एक महिला और एक पुरुष हैं। कथित तौर पर बॉस की प्रताड़ना से तंग आकर दोनों ने नौकरी छोड़ी थी। फिर महिला के नाम से इंस्टाग्राम पर फेक अकाउंट बनाकर बॉस को फँसाया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार फेक अकाउंट से दोनों कर्मचारियों ने करीब चार महीने पहले बॉस के साथ सेक्स चैट शुरू किया। उसे एक वेबसाइट से डाउनलोड की गई कुछ नंगी तस्वीरें भेजी। बॉस उनके जाल में उलझ गया। उसे लगा कि वह किसी महिला के साथ चैट कर रहा है। उसने भी अपनी नंगी तस्वीरें भेज दी। इसके बाद बॉस को फेक अकाउंट से मैसेज आने बंद हो गए।

चैट बंद होने के कुछ दिन बाद बॉस को ही ईमेल पर दोनों ने उसकी नग्न फोटोज और चैट के स्क्रीनशॉट भेजे। इसके बाद कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट को इसी तरह का ईमेल भेजा गया। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। बॉस की पत्नी को भी उसकी नंगी तस्वीरें और चैट पहले मेल किए गए और फिर स्पीडपोस्ट के जरिए तस्वीरों का प्रिंट आउट उस दफ्तर में भेजा गया जहाँ वह काम करती है।

पुलिस के मुताबिक इंतकाम का यह प्लान बॉस की कथित डाँट के कारण नौकरी छोड़ने वाली महिला कर्मचारी ने अपने एक पुरुष सहकर्मी के साथ मिलकर बनाया था। रिपोर्ट में पीड़ित और आरोपितों की पहचान नहीं बताई गई है। पुलिस के अनुसार पीड़ित इस मामले को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं है। हालाँकि पुलिस ने दोनों आरोपितों को सीआरपीसी 41 (ए) के तहत बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। वडोदरा के एसीपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकाडिया ने इसे कॉर्पोरेट दुश्मनी का मामला बताया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -