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20000 कोच, 320000 बेड्स: भारतीय रेलवे ने किया कमाल, क्वारंटाइन के लिए नहीं कमरों की कोई कमी

भारतीय रेल मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इन 20 हजार कोच में कुल 3.2 लाख लोगों के लिए बेड्स की व्यवस्था की जा सकती है। भारतीय रेलवे अन्य तरीकों से भी इस आपदा की घड़ी में लोगों की सेवा करने में लगा हुआ है।

जहाँ एक तरफ दुनिया भर के कई देशों की प्रशंसा की जा रही है कि किसने कितने दिनों में कितने बिस्तरों वाला अस्पताल बनवा दिया, भारतीय रेलवे ने भी एक उल्लेखनीय कार्य किया है। भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या डेढ़ हज़ार के पार जाने को है और उनमें से 47 की मौत हो चुकी है। ऐसे में भारत पर सबकी नज़र है क्योंकि कम जनसंख्या वाले विकसित देशों में कोरोना वायरस ने जिस तरह से तबाही मचाई है, उनके मुकाबले काफ़ी ज्यादा जनसंख्या और साधन-सुविधा का मामले में उनसे कम सम्पन्न भारत इससे कैसे निपटता है।

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के 20,000 कोच को क्वारंटाइन और आइसोलेशन कोच बना दिया है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। भारत में क्वारंटाइन फैसिलिटी के लिए बड़ी संख्या में कमरों की ज़रुरत है, इसी कमी को पूरा करने के लिए इंडियन रेलवे आगे आया है। कुल 5 जोनल रेलवे ने पहले ही उन क्वारंटाइन सेंटरों का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। उन्हें ‘क्वारंटाइन/ आइसोलेशन कोचेज’ कहा जाएगा। इनमें आइसोलेशन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 3.2 लाख बिस्तर लगाए जा सकते हैं।

भारतीय रेल मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इन 20 हजार कोच में कुल 3.2 लाख लोगों के लिए बेड्स की व्यवस्था की जा सकती है। भारतीय रेलवे अन्य तरीकों से भी इस आपदा की घड़ी में लोगों की सेवा करने में लगा हुआ है। हाल ही में पंजाब के मोगा से 390 टन खाद्य पदार्थों को एक पार्सल स्पेशल ट्रेन के जरिए असम के चंगसारी पहुँचाया गया। इनमें डेयरी प्रोडक्ट्स और नूडल्स सहित कई अन्य चीजें शामिल थीं। रेलवे ने जनता को जागरूक करते हुए बताया है कि भारतीय रेल सेवा कभी युद्धकाल में भी नहीं रुकी, ऐसे में वो स्थिति की गंभीरता को समझें और घरों में ही रहें।

भारत में अभी 15 अप्रैल तक लॉकडाउन चलेगा, जिसमें लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। रेलवे की सभी पैसेंजर ट्रेनों को बंद कर दिया गया है, ऐसे में उनका कोरोना वायरस के मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। सारी ट्रेनों को सैनिटाइज्ड कर लिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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