Tuesday, July 23, 2024
Homeदेश-समाज'लोहा गलाने की भट्ठी में आसिफ ने मेरे भाई को फेंका, CCTV फुटेज भी...

‘लोहा गलाने की भट्ठी में आसिफ ने मेरे भाई को फेंका, CCTV फुटेज भी गायब किया’: गाजियाबाद में फैक्ट्री मैनेजर की मौत, भाई ने मालिक पर मढ़ा आरोप

हापुड़ के ASP का कहना है कि मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिली है। शव की तलाश की जा रही है। मामले में फैक्टरी के कुछ मजदूरों और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के औद्योगिक क्षेत्र UPSIDC के फ्री होल्ड एरिया में लोहा गलाने फैक्ट्री की भट्ठी में जलकर उसके मैनेजर अनुराग त्यागी की मौत हो गई है। मैनेजर के परिजनों ने फैक्टरी मालिक आसिफ अली पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

वहीं, फैक्टरी मालिक आसिफ अली का कहना है कि मैनेजर अनुराग त्यागी ने भट्ठी में कूदकर आत्महत्या की है। इसको लेकर शुक्रवार (25 नवंबर 2022) की देर शाम तक परिजनों का हंगामा जारी रहा। वहीं, पुलिस मैनेजर के शव को तलाश करने में जुटी रही। फैक्ट्री की भट्ठी की आग को बुझाने में तीन का समय लग सकता है। ऐसे में पुलिस फैक्ट्री को तीन दिनों के लिए सील कर दिया है।

बता दें कि लोहा गलाने के लिए जिस भट्ठी का इस्तेमाल किया जाता है, उसका तापमान 1600 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है। 100 डिग्री पर पानी गर्म होने लगता है। ऐसे में 1600 डिग्री के तापमान में गिरते ही शरीर राख हो गया। पुलिस को अब भट्ठी के ठंडा होने के लिए तीन-चार दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद शव के अवशेषों में वह जुटेगी।

मृतक के भाई अरुण त्यागी ने बताया कि उनके भाई सुबह फैक्टरी गए थे। सभी कर्मचारियों को काम पर लगाकर वे खुद काम में लग गए। इस बीच किसी बात को लेकर फैक्टरी के मालिक आसिफ अली से अनुराग का विवाद हो गया। इसके बाद आसिफ ने अनुराग को भट्ठी में फेेंकवा दिया।

अनुराग के भाई अरुण त्यागी ने कहा, “सुबह 9 बजे मेरा भाई ड्यूटी पर गया था। लगभग 11 बजे फोन पर हमारी लाइव बातचीत भी हुई थी। करीब 2:30 बजे फैक्ट्री के कर्मचारियों का फोन आया कि आपके भाई को चोट लग गई है। कुछ मिनट बाद ही पुलिस का फोन आया कि आप जल्दी फैक्ट्री पर आ जाओ। मैं जब फैक्ट्री पहुँचा तो बताया कि भाई की मौत हो चुकी है। मैंने लाश के बारे में पूछा तो पता चला कि लाश नहीं है। फैक्ट्री में मुझे कहा गया कि मेरे भाई ने लोहा गलाने की भट्ठी में कूदकर आत्महत्या कर ली है।”

अरुण का आरोप है कि फैक्ट्री में अनुराग त्यागी सहित 10 मजदूर काम कर रहे थे। घटना के बाद फैक्टरी के सभी मजदूर फरार हो गए। अरुण त्यागी का यह भी कहना है कि घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए कंपनी में लगे सीसीटीवी कैमरे की हार्ड डिस्क को भी गायब कर दिया गया है। इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि फैक्ट्री में लगे CCTV कैमरों की फुटेज अभी नहीं मिल पाई है। 

बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र UPSIDC के फ्री होल्ड एरिया में बागपत के खेकड़ा निवासी आसिफ अली की लोहा गलाने की फैक्टरी है। इस फैक्ट्री में गाजियाबाद के सिहानी निवासी राजेंद्र प्रसाद के 40 वर्षीय पुत्र अनुराग त्यागी पिछले 6 महीने से मैनेजर के रूप में काम करते थे। अनुराग मूल रूप से मेरठ के किला परीक्षितगढ़ के रहने वाले थे।

धौलाना तहसील के SDM विवेक यादव ने बताया, “फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। जिस भट्ठी में अनुराग के गिरने की बात कही जा रही है, उसमें ऊपर से कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। भट्ठी का तापमान इतना ज्यादा है कि आसपास खड़ा होना भी मुश्किल है। भट्ठी की आग शांत होने के बाद पुलिस की फोरेंसिक टीम उसकी छानबीन करेगी।”

हापुड़ के ASP उमेश मिश्रा का कहना है कि मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिली है। शव की तलाश की जा रही है। मामले में फैक्टरी के कुछ मजदूरों और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

20000 महिलाओं को रेप-मौत से बचाने के लिए जब कॉन्ग्रेसी मंत्री ने RSS से माँगी थी मदद: एक पत्र में दर्ज इतिहास, जिसे छिपा...

पत्र में कहा गया था कि आरएसएस 'फील्ड वर्क' के लिए लोगों को अत्यधिक प्रशिक्षित करेगा और संघ प्रमुख श्री गोलवरकर से परामर्श लिया जा सकता है।

कागज तो दिखाना ही पड़ेगा: अमर, अकबर या एंथनी… भोले के भक्तों को बेचना है खाना, तो जरूरी है कागज दिखाना – FSSAI अब...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कांवड़ रूट में नाम दिखने पर रोक लगाई जा रही है, लेकिन कागज दिखाने पर कोई रोक नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -