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कर्ज़ लेकर भागा व्यवसायी सिख हुलिए में करता रहा ‘किसान’ आंदोलन: यूपी पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर से किया गिरफ्तार

पूछताछ के दौरान उसने यूपी पुलिस को बताया कि उस पर कर्ज़ बहुत ज़्यादा बढ़ गया था और लोग उस पर रुपए वापस करने के लिए दबाव बना रहे थे। तब इस दबाव और अपमान से बचने के लिए वह दाढ़ी बढ़ाकर सिख के हुलिए में प्रदर्शन स्थल पर पहुँच गया जहाँ उसे मुफ़्त का खाना भी मिल रहा था।

केंद्र सरकार के कृषि सुधार क़ानूनों का विरोध लगातार 23वें दिन भी जारी है, इस बीच किसान आंदोलन प्रदर्शन स्थल से एक विचित्र घटना सामने आई है। एक ऐसा व्यवसायी जो कर्ज़ से लदा हुआ था, वह रुपए माँगने वालों से खुद का बचाव करने के लिए दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसान आंदोलन में हुलिया बदल कर छुप गया। योगी सरकार की यूपी पुलिस ने गुरुवार (17 दिसंबर 2020) को उस व्यवसायी को वहाँ से खोजकर गिरफ्तार कर लिया। 

व्यवसायी का नाम प्रवीण है और वह मूल रूप से मुराद नगर का रहने वाला है। वह 1 दिसंबर 2020 से ही गायब था। यूपी पुलिस ने प्रवीण को गाजीपुर-गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश गेट) बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इससे पहले भी वह एक बार गायब हुआ था लेकिन तब वह खुद ही घर वापस आ गया था। इसलिए उसके परिजनों ने इस बार हुई घटना की शिकायत 12 दिसंबर 2020 तक दर्ज नहीं कराई थी।  

इस घटना पर जानकारी देते हुए एसपी इराज राजा ने बताया कि प्रवीण की लोकेशन उसके फोन की मदद से ट्रैक की गई थी। उसके फोन को सर्विलांस में रखा गया था। उसकी कार भी किसान आंदोलन प्रदर्शन स्थल के नज़दीक खड़ी मिली थी। एसपी के मुताबिक़, “प्रवीण ने सिखों जैसे नज़र आने के लिए दाढ़ी बढ़ा ली थी लेकिन जैसे ही वह अपनी कार के भीतर गया हमने उसे पहचान लिया।”  

पूछताछ के दौरान उसने यूपी पुलिस को यह भी बताया कि उस पर कर्ज़ बहुत ज़्यादा बढ़ गया था और लोग उस पर रुपए वापस करने के लिए दबाव बना रहे थे। उसे इन सारी चीज़ों से बचने के लिए कोई विकल्प नहीं सूझ रहा था। तब इस दबाव और अपमान से बचने के लिए वह दाढ़ी बढ़ाकर सिख के हुलिए में प्रदर्शन स्थल पर पहुँच गया जहाँ उसे मुफ़्त का खाना भी मिल रहा था। अभी व्यवसायी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है।     

  

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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