Homeदेश-समाजघर में सो रही 9 साल की बच्ची को उठा ले गया मोहम्मद सगीर,...

घर में सो रही 9 साल की बच्ची को उठा ले गया मोहम्मद सगीर, बलात्कार किया: पेड़ से बाँध ग्रामीणों ने मारा, अस्पताल के रास्ते में ही मर गया

"बुधवार की रात बच्ची मेरे साथ घर के बरामदे में सोई थी। देर रात जब मेरी नींद खुली तो वह नहीं थी। घर के लोग उसकी तलाश करने लगे। हसनगंज बाजार में गैस गोदाम के पास मेरी बेटी और मोहम्मद सगीर हमें बिना कपड़ों के मिले।"

बिहार के कटिहार में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्‍कर्म (Rape) के आरोपित मोहम्मद सगीर को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला। घटना हसनगंज थाना क्षेत्र के हसनगंज बाजार की है। पिटाई का वीडियो वायरल है। इसमें ग्रामीण उसे पेड़ से बाँधकर पीटते दिख रहे हैं। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने सगीर को भीड़ से छुड़ाया। इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो वह मर गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसनगंज बाजार की एक 9 वर्षीय मासूम को उसी गाँव के रहने वाले मोहम्मद सगीर ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घटना के बाद से गाँव में तनाव का माहौल है। पीड़िता की माँ ने स्थानीय थाना में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया, “बुधवार की रात बच्ची मेरे साथ घर के बरामदे में सोई थी। देर रात जब मेरी नींद खुली तो वह नहीं थी। घर के लोग उसकी तलाश करने लगे। हसनगंज बाजार में गैस गोदाम के पास मेरी बेटी और मोहम्मद सगीर हमें बिना कपड़ों के मिले।”

बच्ची ने घर पहुँचकर अपने परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों और गाँव वालों ने मोहम्मद सगीर को पकड़कर गाँव के चौराहे पर एक खजूर के पेड़ से बाँध दिया। फिर उसे पीटा। ग्रामीणों ने पिटाई का वीडियो बना उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

हसनगंज थाना प्रभारी रामचंद्र मंडल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपित को किसी तरह ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में जो भी दोषी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। बता दें कि आरोपित मोहम्मद सगीर के खिलाफ पहले से भी बलात्कार का केस चल रहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खेती, शहर और AI… सबको चाहिए पानी, लेकिन भारत के जलाशय दे रहे खतरनाक संकेत: जानें- Moody’s की चेतावनी कितनी भयावह

मुंबई, दिल्ली और कई राज्यों के जलाशयों में घटते पानी के बीच Moody’s ने भारत के जल संकट को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।

धर्म- संस्कृति की रक्षा, NGOs पर सख्ती: जानिए भारत के नए FCRA नियमों से कैसे लगेगी विदेशी फंडिंग से होने वाले धर्मांतरण पर लगाम

एफसीआरए नियमों में किए गए संशोधन विदेशी धन प्राप्त करने वाली संस्थाओं के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता के नए मानक स्थापित करेंगे। इन बदलावों से विदेशी फंडिंग के स्रोतों की बेहतर निगरानी हो सकेगी।
- विज्ञापन -