Tuesday, July 16, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाजम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य वाहन पर आतंकी हमला: 3 जवान बलिदान, मुठभेड़ में...

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य वाहन पर आतंकी हमला: 3 जवान बलिदान, मुठभेड़ में शामिल होने के लिए जा रहा था सैनिकों का काफिला

सेना के अधिकारी ने बताया, "ये हमला उस काफिले को निशाना बनाकर किया गया, जो री-इन्फोर्समेंट के लिए पहुँची थी। उस इलाके में कल (20 दिसंबर 2023) शाम से ही मुठभेड़ चल रही थी, जहाँ पहुँचने के क्रम में आतंकियों ने दोनों वाहनों को निशाना बनाया। इस हमले में तीन जवान वीरगति को प्राप्त हुए।"

जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर के थाना मंडी इलाके में गुरुवार (21 दिसंबर 2023) को आतंकवादियों ने दो सैन्य वाहनों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन जनाव वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं, तीन अन्य जवान घायल हो गए हैं। ये जवान आतंकियों के खिलाफ एक अभियान में शामिल होने के लिए जा रहे थे। हमले के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू कर दी गई है।

सेना के एक अधिकारी ने बताया, “ये हमला उस काफिले को निशाना बनाकर किया गया, जो थाना मंडी इलाके में जारी मुठभेड़ में री-इन्फोर्समेंट के लिए पहुँच रहा था। उस इलाके में कल (20 दिसंबर 2023) शाम से ही मुठभेड़ चल रही थी। वहाँ जाते वक्त आतंकियों ने दोनों वाहनों को निशाना बनाया। इस हमले में तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए हैं।”

दो गाड़ियों में ये जा रहे इन जवानों पर घात लगाकर बैठे आतंकियों ने अंधाधुन फायरिंग शुरू कर दी। इन जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की, जिनमें तीन जवान बलिदान हो गए। दरअसल, पिछले कुछ समय से आतंकी जम्मू-कश्मीर में शांति और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने में लगे हुए हैं। हालाँकि, सुरक्षाबल उनके नापाक मंंसूबों को हर बार नाकामयाब करती रही है। इस दौरान कई कुख्यात आतंकी भी मार गिराए गए।

बता दें कि बीते नवंबर माह में राजौरी के कालाकोट जंगलों में चल रही मुठभेड़ में 23 नवंबर 2023 को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर कारी था। वो कम से कम पाँच हत्याओं में शामिल रहा था। जानकारी के मुताबिक, दोनों आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में फिर से आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भेजा गया था।

मारे गए दोनों आतंकी आईईडी बनाने में और उसे चलाने में माहिर थे। इसके अलावा दोनों ही एक्सपर्ट स्नाइपर भी थे। इन दोनों ने गुफाओं में छिपने में भी महारत हासिल की थी। इन दोनों आतंकियों के खिलाफ चलाए गए उस ऑपरेशन में सेना के अधिकारी समेत 4 जवानों को वीरगति प्राप्त हुई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अजमेर दरगाह के बाहर ‘सर तन से जुदा’ की गूँज के 11 दिन बाद उदयपुर में काट दिया गया था कन्हैयालाल का गला, 2...

राजस्थान के अजमेर दरगाह के सामने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाने वाले खादिम मौलवी गौहर चिश्ती सहित छह आरोपितों को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

जिस किले में प्रवेश करने से शिवाजी को रोक नहीं पाई मसूद की फौज, उस विशालगढ़ में बढ़ रहा दरगाह: काटे जा रहे जानवर-156...

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित विशालगढ़ किला में लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। यहाँ स्थित एक दरगाह के पास कई अवैध दुकानें बन गई हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -