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जंगल के बीच गाय को कंधे पर उठाकर इस ‘बाहुबली’ ने कैसे पेश की मिसाल, क्या है कहानी!

गाय को अपने कंधे पर उठाकर ले जाना आसान काम नहीं है, शायद दिलेरी के ऐसे ही उदाहरणों की वजह से गढ़वाल में 'वीर भड़' की उपाधियाँ प्रचलित हैं।

गाय को माँ का स्थान देकर पूजने वालों के बीच उत्तराखंड का ये नौजवान सोशल मीडिया पर एक प्रेरणा बन गया है। कुछ लोग उन्हें सुपर हीरो कह रहे हैं तो कुछ लोग ‘बाहुबली’ कह कर इस ‘गोभक्त’ की तारीफ कर रहे हैं।

28-30 साल का युवा, कंधे पर गाय लादे हुए, तस्वीर सोशल मीडिया… अचानक से देशभर में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस तस्वीर में घने जंगल के बीच इस युवा को गाय को कंधे पर ले जाते हुए देखा जा सकता है। शेयर की जा रही इस तस्वीर के अनुसार बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के एक घने जंगल मे ये गाय भटक गई थी और पानी न मिलने के कारण चलने में असमर्थ हो चुकी थी। गाय को जंगल में ऐसे हालात में देखकर उत्तराखंड के इस नौजवान ने उसे अपने कंधे पर उठाया और काफी दूर पैदल चल कर इसे पानी के स्रोत तक पहुँचा कर गाय की जान बचाई।

गाय की मदद करने वाला ये युवा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है

इन दिनों सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को खूब शेयर किया जा रहा है। हालाँकि, इस युवा की जानकारी अज्ञात ही है, लेकिन उसकी टी-शर्ट पर ‘वर्ल्ड हेल्प’ लिखा हुआ जरूर देखा जा सकता है। कुछ लोगों के अनुसार इसे चमोली जिले का बताया जा रहा है, तो किसी के अनुसार उत्तरकाशी जिले का। इस युवा की पहचान चाहे जो भी हो, लेकिन यह तस्वीरें सुकून देने वाली जरूर हैं।

घने जंगल के बीच युवक के चेहरे की प्रसन्नता बता रही है कि इन्हें कहते हैं ‘सच्चे गोभक्त’
सुस्ताती हुई गाय

अक्सर उत्तराखंड में गाय चारे और घास की खोज में अपने झुण्ड से बिछड़ कर घने जंगल में खो जाती है और रास्ता भटक जाने की वजह से पानी के स्रोतों से दूर हो जाती है। इसके बाद बहुत संभावना होती है कि उसे कोई जंगली जानवर अपना शिकार बना दे। शायद यही सोचकर इस युवा ने गाय की मदद की और जैसा कि हम देख सकते हैं, एक तस्वीर में गाय पानी पीने के बाद सुस्ता रही है। गाय को अपने कंधे पर उठाकर ले जाना आसान काम नहीं है, शायद दिलेरी के ऐसे ही उदाहरणों की वजह से गढ़वाल में ‘वीर भड़‘ की उपाधियाँ प्रचलित हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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