Sunday, July 14, 2024
Homeदेश-समाजकिसी का स्तन दबोचा, कोई गश खाकर गिर पड़ी… AR रहमान के कंसर्ट में...

किसी का स्तन दबोचा, कोई गश खाकर गिर पड़ी… AR रहमान के कंसर्ट में महिलाओं के यौन शोषण की कहानियों से पटा सोशल मीडिया, रोते दिखे बच्चे

एक बुजुर्ग महिला बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। मेडिकल मदद की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। कुछ महिलाएँ रोने लगीं। प्रबंधन के लिए काफी कम वॉलंटियर्स मौजूद थे। एक अर्थराइटिस की मरीज ने बताया कि उन्हें 3 किलोमीटर चलने के बाद कई घंटे पैदल खड़ा रहना पड़ा, क्योंकि कोई मदद करने वाला नहीं था।

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में संगीत निर्देशक AR रहमान के कंसर्ट में भगदड़ मच गई और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी हुआ। कई महिलाओं ने इस कंसर्ट के आने बुरे अनुभव साझा किए हैं। 31 साल की एक फिल्म निर्देशक ने बताया कि कंसर्ट के दौरान उन्हें पैनिक अटैक आया, जिसके बाद उन्होंने एक व्यक्ति को ‘अन्ना’ (बड़ा भाई) कह कर संबोधित किया और पूछा कि बाहर जाने का रास्ता किधर से है। महिला ने बताया, “उसने मेरी आँखों में देखा और अगली चीज मुझे याद है कि उसके हाथ मेरे स्तन के ऊपर थे और उसने मुझे दबोच लिया।

पीड़िता ने बताया कि वो वहीं खड़ी की कड़ी रह गई और एक इंच भी इधर-उधर नहीं खिसक सकी। उसने इसे एक ऐसा डरावना और आघात पहुँचाने वाला अनुभव करार दिया, जिससे वो शायद ही बाहर निकल सके। सिर्फ यही महला नहीं, बल्कि AR रहमान के इस कंसर्ट में छेड़खानी को लेकर कई अन्य महिलाओं ने शिकायत की है। ये कंसर्ट ‘मराकुम्मा नेंजम’ (अर्थ – क्या दिल कभी भूलेगा?) नाम से चेन्नई के ECR (ईस्ट कोस्ट रोड) में आयोजित किया गया था।

एक व्यक्ति ने बताया कि उसने कभी नहीं सोचा था कि AR रहमान के किसी कंसर्ट में लोग शो को रोकने के लिए चिल्लाएँगे। कई लोग टिकट मिलने के बावजूद भीतर नहीं जा सके। जो अंदर गए, उनमें से कइयों को पैनिक अटैक आया। कइयों को घुटन महसूस हुई। कई बच्चे भी खो गए। पीड़ितों ने बताया कि ट्रैफिक का भी ठीक से प्रबंधन नहीं किया गया था। शाम 7:30 बजे ही लोग घर जाने लगे। बताया जा रहा है कि आयोजनों ने भी क्षमता से ज़्यादा टिकट्स भेजे हैं।

चेन्नई के एक NGO में काम करने वाली 23 वर्षीय महिला ने बताया कि कंसर्ट शुरू होने से पहले ही भगदड़ मच गई थी। टिकट होने के बावजूद कंसर्ट में घुसने के लिए टैग लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ी। कई जब भीतर घुसे तो देखा कि सीट फुल है। खड़े होने तक की जगह नहीं थी। ताम्बरम के पुलिस कमिश्नर ने मामले के जाँच के आदेश दिए हैं। आयोजक ‘ACTC इवेंट्स’ ने इन सबके बावजूद कंसर्ट को ‘बड़ी सफलता’ बताते हुए अपनी पीठ थपथपाई, और ‘जो अटेंड न कर पाए’, उनसे माफ़ी माँगी।

आयोजकों ने महिलाओं के साथ छेड़खानी पर कुछ नहीं कहा। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में बच्चों को अभिभावकों से बिछड़ कर रोते हुए देखा जा सकता है। लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। एक 22 वर्षीय महिला वकील ने बताया कि उनकी और उनके माँ को आधे घंटे के भीतर कई बार गलत तरीके से छुआ गया, जब वो बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने खुद को मानसिक, शारीरिक और भावुक रूप से एक थकी हुई पीड़िता करार दिया।

एक बुजुर्ग महिला बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। मेडिकल मदद की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। कुछ महिलाएँ रोने लगीं। प्रबंधन के लिए काफी कम वॉलंटियर्स मौजूद थे। एक अर्थराइटिस की मरीज ने बताया कि उन्हें 3 किलोमीटर चलने के बाद कई घंटे पैदल खड़ा रहना पड़ा, क्योंकि कोई मदद करने वाला नहीं था। हालाँकि, AR रहमान ने बाद में इन घटनाओं के लिए माफ़ी माँगते हुए कहा है कि वो किसी पर उँगली नहीं उठाना चाहते, लेकिन शहर बड़ा हो रहा है और संगीत के प्रति दीवानगी भी बढ़ रही है।

एक महिला ने कहा कि वो कभी अब जीवन में किसी कंसर्ट में नहीं जाएगी। वहीं एक 45 वर्षीय महिला ने बताया कि उनकी बेटी अब तक सदमे में है। पवित्रा नाम की एक पीड़िता ने लिखा कि उसके भीतर AR रहमान का जो फैन था, वो अब मर गया है। चारुलता रंगराजन नाम की महिला ने अपनी उँगलियों के निशान दिखाते हुए बताया कि कैसे उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ। वीडियो में पीड़ितों ने इस कंसर्ट को पैसों की वसूली करार दिया। बताया जा रहा है कि कंसर्ट में लगभग 50,000 लोग पहुँच गए थे।

कुछ पीड़ितों ने पूछा कि AR रहमान जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे हैं, सिर्फ ‘सॉरी’ कह देने से क्या हो जाएगा। हालाँकि, एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने दावा किया कि वो इस घटना को लेकर बेहद दुःखी हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि एक संगीत निर्देशक के रूप में उनका काम लोगों का मनोरंजन था, उन्हें लगा कि बाकी चीजों का ख्याल रख लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एक प्राथमिक विषय है और वहाँ महिलाएँ-बच्चे थे। AR रहमान ने कहा है कि जो लोग टिकट होने के बावजूद कंसर्ट में नहीं आ पाए, वो उन्हें ईमेल पर टिकट की कॉपी और अपनी शिकायतें भेजें, उसका निदान किया जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जगन्नाथ मंदिर के ‘रत्न भंडार’ और ‘भीतरा कक्ष’ में क्या-क्या: RBI-ASI के लोगों के साथ सँपेरे भी तैनात, चाबियाँ खो जाने पर PM मोदी...

कहा जाता है कि इसकी चाबियाँ खो गई हैं, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सवाल उठाया था। राज्य में भाजपा की पहली बार जीत हुई है, वर्षों से यहाँ BJD की सरकार थी।

मांस-मछली से मुक्त हुआ गुजरात का पालिताना, इस्लाम और ईसाइयत से भी पुराना है इस शहर का इतिहास: जैन मंदिर शहर के नाम से...

शत्रुंजय पहाड़ियों की यह पवित्रता और शीर्ष पर स्थित धार्मिक मंदिर, साथ ही जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा है जो पालिताना में मांस की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगाने की मांग का आधार बनता है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -