असम से 10 और त्रिपुरा से 1 जिहादी को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया है। ये बांग्लादेशी कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े हुए हैं। इनका मकसद पूर्वोत्तर में अस्थिरता फैलाना और ‘मुस्लिम वर्चस्व’ स्थापित करना था।
गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर पार्थसारथी महंत ने 30 दिसंबर 2025 को बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स ने इनलोगों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल 29 दिसंबर की देर रात असम के बारपेटा, चिरांग, बक्सा और दरांग जिलों और त्रिपुरा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान 11 जिहादियों को दबोचा गया। ये लोग बांग्लादेशी कट्टरपंथी संगठनों के इशारे पर काम कर रहे थे। इनमें से 10 असम के रहने वाले हैं। ये लोग ‘गजवतुल हिंद’ की विचारधारा फैलाना चाहते हैं।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, अगस्त 2024 को बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकी गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कई आतंकी संगठन अपनी पहचान छिपा कर एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। गिरफ्तार जिहादी बांग्लादेश के महमूदर काफिला यानी आईएमके से जुड़े हैं। ये संगठन जमात-उल- मुजाहिदीन बांग्लादेश से जुड़ा हुआ है। इस पर भारत ने प्रतिबंध लगा रखा है।
पुलिस के छापेमारी में इनके पास से कोई हथियार नहीं मिले हैं लेकिन डिजिटल सबूत और कई आपत्तिजनक कागजात मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, ये लोग सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में रहते हैं। ‘पुरबा आकाश’ नाम से एक ऑनलाइन भर्ती का प्लेटफॉर्म चला रहे थे। हवाला के जरिए संगठन को पैसा मिल रहा था।
पुलिस के मुताबिक जिहादी भारतीय पासपोर्ट लेकर बांग्लादेश गए थे और संगठन के नेताओं के साथ बैठकें की। इस दौरान भारत में हिंसा फैलाने की बात की गई। दरअसल बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरवाद और हिन्दूओं की हत्या के लगातार आ रहे मामलों को देखते हुए खुफिया रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पूर्वोत्तर राज्यों में चौकन्ना है।

