मेलबर्न में उखाड़ी गई गाँधी की 426 किलो की मूर्ति: खबर सुन भारत भड़का, ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से की कार्रवाई की माँग

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के रोवविल इलाके में स्थित ‘ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर’ से महात्मा गाँधी की 426 किलो वजनी कांस्य प्रतिमा चोरी हो गई है। बदमाशों ने दिन-दहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया, जिससे न केवल स्थानीय भारतीय समुदाय में गुस्सा है, बल्कि भारत सरकार ने भी इस पर सख्त ऐतराज जताया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से दोषियों को जल्द पकड़ने और प्रतिमा बरामद करने की माँग की है।

एंगल ग्राइंडर से काटी गई प्रतिमा

यह घटना सोमवार (2 फरवरी 2026) दोपहर की है। बताया जा रहा है कि तीन नकाबपोश बदमाश एक सफेद वैन में आए थे। उन्होंने बिजली से चलने वाले ‘एंगल ग्राइंडर’ का इस्तेमाल कर प्रतिमा को उसके चबूतरे से बड़ी बेरहमी से काट दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि गाँधी जी की मूर्ति अब केवल टखनों तक ही बची है, बाकी का पूरा हिस्सा चोर उठाकर ले गए।

भारत सरकार ने दी थी तोहफे में

इस प्रतिमा का ऐतिहासिक और कूटनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है। इसे 12 नवंबर 2021 को भारत सरकार की ओर से ‘भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद’ (ICCR) ने ऑस्ट्रेलिया को उपहार में दिया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने इसे शांति और अहिंसा के प्रतीक के रूप में स्वीकार किया था।

सीसीटीवी में कैद हुई करतूत

कम्युनिटी सेंटर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। अपराधियों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से वैन पार्क की और काम पूरा कर फरार हो गए। पुलिस को शक है कि यह केवल एक साधारण चोरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाने की साजिश भी हो सकती है।

बढ़ता आक्रोश और सुरक्षा की माँग

भारतीय समुदाय के नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ समय में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मंदिरों और दूतावासों पर हमले बढ़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कट्टरपंथी तत्वों का हाथ हो सकता है। फिलहाल, विक्टोरिया पुलिस मामले की जाँच कर रही है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह घटना विदेशों में भारतीय धरोहरों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।