‘पाकिस्तान करता है वार, इंडिया देता है एंबुलेंस’: तालिबान मंत्री के भारत दौरे को देख अफगानिस्तानी नेटीजन्स खुश; जानें PC के बाद महिला पत्रकार क्यों हैं नाराज?

अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी इन दिनों भारत दौरे पर हैं। शुक्रवार (10 अक्तूबर 2025) को मुत्तकी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। भारत ने अफगान जनता के लिए 20 एंबुलेंस की सौगात दी। यह सहयोग भारत की मानवीय प्रतिबद्धता और पड़ोसी देशों की स्थिरता के लिए उसकी गंभीरता को दर्शाता है।

भारत के इस कदम की नेटीजन्स भी खूब तारीफ कर रहे हैं। एक X यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान हमें मारता है जबकि भारत हमें जान बचाने के लिए एम्बुलेंस मुहैया कराता है।” यूजर ने आगे लिखा, “मैं फैसला तुम (लोगों) पर छोड़ता हूँ कि दोस्ती और वफादारी का असली हकदार कौन है?” कई अन्य X यूजर्स ने भी भारत की इस पहल की तारीफ की है।

हालाँकि, मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर बैन लगाए जाने ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारत में किसी भी स्तर पर इस फैसले से कोई संबंध नहीं है। यह अफगान प्रतिनिधिमंडल का आंतरिक निर्णय था, जिसकी व्यापक आलोचना सोशल मीडिया पर हो रही है।

वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उठे सवालों पर अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “अफगानिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा कल दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय की कोई भागीदारी नहीं थी।”

लोगों ने इसे तालिबानी रवैये की झलक बताया, जिसने 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से महिलाओं पर कई गंभीर प्रतिबंध लगाए हैं। शिक्षा, रोजगार, सार्वजनिक जीवन- हर क्षेत्र में अफगान महिलाओं की भागीदारी को सीमित कर दिया गया है। हाल ही में आए भूकंप में भी महिला राहतकर्मियों की भारी कमी के कारण कई महिलाओं को देर से सहायता मिली।