हिंदू विरोधी पत्रकार राणा अय्यूब का पोस्ट न हटाना ‘X’ को पड़ेगा भारी, केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा- भारत में खत्म हो सकता है X का दाना-पानी

हिंदू विरोधी पत्रकार राणा अय्यूब के पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ और केंद्र सरकार के बीच दिल्ली हाई कोर्ट में बहसी छिड़ी। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में साफ कहा है कि ‘X’ को भारत में मिलने वाला कानूनी संरक्षण अब खत्म कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद ‘X’ ने पत्रकार राणा अय्यूब के उन ट्वीट्स को नहीं हटाया, जिन्हें कोर्ट ने ‘अपमानजनक’ और ‘सांप्रदायिक’ माना है।

छिन सकता है ‘X’ का कानूनी कवच?

भारत के कानून के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनियाँ दूसरों के पोस्ट के लिए तब तक जिम्मेदार नहीं होतीं, जब तक वे नियमों का पालन करें। इसे ‘सेफ हार्बर’ कहते हैं। सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने सितंबर और दिसंबर 2025 में ‘X’ को नोटिस भेजे थे।

जनवरी 2025 में एक निचली अदालत ने भी इन पोस्ट्स पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। सरकार का कहना है कि जब ‘X’ को इन आदेशों के जरिए पता चल गया कि कंटेंट गैरकानूनी है, तो उसे तुरंत हटाना चाहिए था। ऐसा न करके ‘X’ ने नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए अब उसे मिलने वाली कानूनी सुरक्षा वापस ली जानी चाहिए।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और पुलिस का एक्शन

इस मामले में 8 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी माना था कि साल 2013 से 2017 के बीच किए गए ये ट्वीट्स हिंदू देवी-देवताओं और सावरकर के खिलाफ काफी अपमानजनक और सांप्रदायिक थे। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद दिल्ली पुलिस ने आईटी मंत्रालय (MEITY) को इन पोस्ट्स को ब्लॉक करने के लिए आधिकारिक पत्र भेजा है, जिस पर अभी विचार चल रहा है।

‘X’ और राणा अय्यूब का क्या है कहना?

दूसरी तरफ, ‘X’ ने कोर्ट में अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह मामला सीधे राणा अय्यूब के खिलाफ होना चाहिए, न कि उनके खिलाफ। कंपनी का कहना है कि वे केवल एक प्लेटफॉर्म हैं। वहीं, राणा अय्यूब के वकीलों ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) कोर्ट में दलील दी कि यह याचिका सुनवाई के लायक ही नहीं है। हालाँकि, कोर्ट ने राणा अय्यूब को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई अब मई में होगी। तब तक कोर्ट यह तय करेगा कि क्या वाकई ‘X’ की कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाए और क्या राणा अय्यूब के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस IT एक्ट की धारा 69A के तहत इन पोस्ट्स को पूरी तरह ब्लॉक कराने की कोशिश में जुटी है।