राजशाही में क्या हुआ?
राजशाही में ‘भारतीय आधिपत्य विरोधी जुलाई 36 मंच’ के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने भद्रा मोड़ से भारत के सहायक उच्चायोग की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस से उनकी झड़प हो गई। आखिरकार पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया और सहायक उच्चायोग तक पहुँचने नहीं दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस ने उनका ‘शांतिपूर्ण कार्यक्रम’ रोका है और वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे जान देने को तैयार हैं, लेकिन विरोध जारी रहेगा। वहीं, राजशाही मेट्रोपॉलिटन पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस रोका गया।
बोआलिया जोन के एडीसी फरहाद हुसैन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की माँगें मीडिया के जरिए संबंधित अधिकारियों तक पहुँचा दी गई हैं।
वीजा आवेदन केंद्र बंद
इन हालातों के चलते भारतीय स्टेट बैंक द्वारा संचालित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) ने गुरुवार (18 दिसंबर 2025) को घोषणा की कि राजशाही और खुलना के वीजा केंद्र गुरुवार (18 दिसंबर 2025) को बंद रहेंगे। IVAC की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है और जिन लोगों की आज अपॉइंटमेंट थी, उन्हें बाद में नई तारीख दी जाएगी।
ढाका में भी प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले, बुधवार (17 दिसंबर 2025) को राजधानी ढाका में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ था। ‘जुलाई ओइक्य’ (जुलाई एकता) नामक समूह ने भारत उच्चायोग की ओर मार्च किया और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की माँग की।
शेख हसीना अगस्त 2024 में बड़े जनआंदोलन के बाद भारत चली गई थीं। गुलशन इलाके में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए और बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में भारत के हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए। इस प्रदर्शन के बाद ढाका स्थित IVAC को दोपहर 2 बजे बंद कर दिया गया था।
भारत बांग्लादेश में कई सहायक उच्चायोग और वीजा केंद्र चलाता है, ताकि यात्रा, इलाज और लोगों के बीच संपर्क को आसान बनाया जा सके। हाल के दिनों में छात्र नेताओं और कुछ राजनीतिक चेहरों की ओर से भारत के खिलाफ बयानबाजी और धमकियाँ बढ़ी हैं, जिनमें भारत पर अवामी लीग समर्थकों का समर्थन करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार (17 दिसंबर 2025) को बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर भारतीय मिशनों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

