संसद के मानसून सत्र में सोमवार (27 जुलाई 2026) को लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच आखिरकार एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का रास्ता साफ हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सरकार और विपक्ष दोनों इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार हो गए। अब इस बिल पर मंगलवार से लोकसभा में विस्तार से बहस होगी।
संसद में पिछले कई दिनों से NEET पेपर लीक मामले को लेकर लगातार हंगामा हो रहा था। विपक्ष की माँग थी कि छात्रों के साथ हुए अन्याय और पेपर लीक की घटनाओं पर पहले चर्चा कराई जाए। इसी कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से बातचीत की और सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि यह विषय लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सांसदों से एंटी पेपर लीक बिल को लेकर अपने सुझाव भी माँगे और कहा कि सभी पक्ष अपनी बात सदन में रखें।
स्पीकर की अपील के बाद सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनी कि इस विधेयक पर मंगलवार से विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके लिए करीब आठ घंटे का समय तय किया गया है ताकि सभी दल अपनी राय रख सकें।
इससे पहले विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा था कि सरकार केवल नया कानून लाकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है। कॉन्ग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि केवल नया कानून बना देने से शिक्षा व्यवस्था की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार सरकार को पूरे परीक्षा तंत्र में सुधार करना चाहिए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक बिल का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धाँधली, संगठित पेपर लीक गिरोहों और नकल माफिया पर सख्ती से रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएगा।
सोमवार को दिनभर हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब सदन मंगलवार (28 जुलाई 2026) सुबह 11 बजे फिर बैठेगा और एंटी पेपर लीक बिल पर विस्तार से चर्चा शुरू होगी। माना जा रहा है कि इस बहस में सरकार और विपक्ष दोनों परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा और पेपर लीक रोकने के उपायों पर अपनी-अपनी राय रखेंगे।

