असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 20 अक्टूबर 2025 को एक ट्वीट में बताया कि राज्य से 18 घुसपैठियों को वापस उनके इलाके में भेज दिया गया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा “जिस तरह कोहली का सीधा ड्राइव मशहूर है, उसी तरह हम भी घुसपैठियों को सीधे उनके क्षेत्र में पुशबैक कर रहे हैं। आज सुबह श्रीभूमि से ऐसे 18 लोगों को वापस भेजा गया। दिवाली सच में वह समय है जब बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।”
Just like Kohli's iconic Straight Drive, we are also executing PUSHBACKS straight back to the territory of illegal infiltrators.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) October 20, 2025
1️⃣8️⃣ such pitch invaders have been pushed back early this morning from Sribhumi.
Diwali is really the time when the good defeats the evil. pic.twitter.com/siLihs1Ved
ऑपरेशन पुश-बैक क्या है?
भारत सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुस्लिमों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनाई है। पूर्वी सीमा पर पकड़े जाने वाले या लंबे समय से देश में अवैध रूप से रह रहे इन लोगों को अब पहले की तरह पुलिस के हवाले कर FIR दर्ज करने, अदालत में पेश करने और सालों तक मुकदमा चलाने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
अब सुरक्षा बल ऐसे घुसपैठियों को तुरंत पकड़कर बिना देर किए सीमा पार वापस भेज रही है। यानी अब उन्हें उसी वक्त पुश-बैक कर दिया जा रहा है ताकि वे दोबारा भारत में न घुस सकें।
‘ऑपरेशन पुश-बैक’ (Operation Push-back) अप्रैल 2025 से लागू है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि घुसपैठ एक बड़ी समस्या है और अब सरकार ने तय किया है कि ऐसे मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी।
सीएम सरमा ने कहा, “पहले विदेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाता था फिर अदालत में पेश किया जाता था। हर साल लगभग 1,000 से 1,500 विदेशी पकड़े जाते थे। लेकिन अब सरकार ने फैसला किया है कि उन्हें देश के अंदर नहीं लाया जाएगा बल्कि वहीं सीमा पर पकड़ते ही वापस बांग्लादेश की ओर धकेल दिया जाएगा।”
सीएम सरमा के अनुसार, हर साल करीब 5,000 लोग भारत में घुसने की कोशिश करते हैं लेकिन ‘पुश-बैक’ नीति से यह संख्या अब काफी घट जाएगी। जो बांग्लादेशी नागरिक भारत के भीतरी इलाकों जैसे दिल्ली, मुंबई या अन्य शहरों से पकड़े जाते हैं, उन्हें पहले त्रिपुरा, असम या पश्चिम बंगाल लाया जाता है और फिर वहीं से सीमापार बांग्लादेश भेज दिया जाता है।
As they say, Thala for a reason…
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) October 18, 2025
As Diwali knocks on the door, we have cleaned our house and removed 7 unwanted elements, who have been PUSHED BACK to their origins.
This Swachhata Abhiyan will continue in the days and months to come.
Time's up for all illegals. pic.twitter.com/tG5pjEQCiP
इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार (18 अक्टूबर 2025) को एक्स पर लिखा, “जैसा कहा जाता है, थाला फॉर अ रीजन… दिवाली आने वाली है और हमने अपने घर की सफाई करते हुए 7 अवांछित तत्वों को उनके मूल स्थान पर वापस भेज दिया है।” उन्होंने इस कार्रवाई को राज्य का “स्वच्छता अभियान” बताया और कहा कि यह अभियान आने वाले दिनों और महीनों में लगातार जारी रहेगा।

