सबरीमाला मंदिर में हुई लूट की जाँच करे CBI, अयप्पा भक्तों की माँग: सिर्फ सोना ही नहीं, BJP ने मूर्तियाँ चुराने का भी जताया शक

तिरुवनंतपुरम के सबरीमाला मंदिर के सोने की चोरी और अन्य घोटालों की जाँच अब तक SIT और ED द्वारा की जा रही है। जाँच में यह संदेह उठाया गया है कि चोरी हुए सोने को विदेश भेजकर पिघलाया गया और फिर अन्य राज्यों में बेचा गया। इसी बीच मामले की जाँच CBI को सौंपने की माँग तेजी से उठ रही है। CBI के शामिल होने से मामले में राजनीतिक हस्तियों और बड़े स्तर के वित्तीय लेनदेन की भी जाँच हो सकेगी।

SIT ने अब तक कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की है, जिस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। पहले पंकज भंडारी और गोवर्धन को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने चोरी हुए सोने को पिघलाया और खरीदा था। हालाँकि, अभी तक मंदिर बोर्ड के पूर्व सदस्यों तक जाँच नहीं पहुँच सकी है।

जाँच में यह भी पता चला कि गोवर्धन के ज्वैलर से जब्त 470 ग्राम सोना वास्तव में सबरीमाला का नहीं था। SIT को सूचना मिली कि सोने की कुछ बार्स को दुबई भेजा गया और फिर अन्य अरब देशों में भेजा गया। केवल CBI ही विदेशों में इंटरपोल और भारतीय दूतावासों के सहयोग से इस मामले की जाँच कर सकती है।

राजनीतिक और धार्मिक संवेदनाएँ

भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने मामले पर ट्वीट कर कहा कि यह मामला केवल सोने की चोरी का नहीं है। चार पंचलोहा मूर्तियों और पाथिनेट्टम पीड़ी के कुछ हिस्सों के भी लूटे जाने की जानकारी सामने आई है।

यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि एक धार्मिक और राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसे कॉन्ग्रेस-UDF के तहत शुरू किया गया और CPM-LDF के शासन में पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि केवल SIT जाँच पर्याप्त नहीं है और CBI जाँच के बिना न्याय नहीं हो सकता।

हाईकोर्ट की टिप्पणी, जाँच में विदेशी कनेक्शन और राजनीतिक हस्तियों का नाम आने से मामला गंभीर और संवेदनशील बन गया है। अब देशभर के अयप्पा भक्तों की नजर CBI जाँच पर टिकी हुई है, ताकि मंदिर की संपत्ति और धार्मिक आस्था की रक्षा हो सके।