उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ATS, IB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपित अजीम राणा और आजाद राजपूत को गिरफ्तार किया गया है। जाँच में सामने आया है कि दोनों आरोपित पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के लिए भारत में जासूसी गतिविधियों में शामिल थे और संवेदनशील धार्मिक स्थलों की रेकी कर रहे थे।
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों के पास से दिल्ली के रमेश नगर मेट्रो स्टेशन और कई प्राचीन मंदिरों से जुड़े फोटो और वीडियो बरामद किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित प्राचीन रावण मंदिर की तस्वीरें लेने की भी कोशिश की थी। आशंका जताई जा रही है कि ये लोकेशन संवेदनशील होने के कारण विशेष रूप से टारगेट की गई थीं।
सोशल मीडिया पर आरोपितों को हिंदू बताने में जुटा लेफ्ट लिबरल गैंग
गिरफ्तार दोनों आरोपित मुस्लिम है। अजीम के अब्बू का नाम सलीम है और वह हापुड़ का ही रहने वाला है। वहीं आजाद के अब्बू का नाम नौशाद है और वह मेरठ का रहने वाला बताया जा रहा है, हालाँकि सोशल मीडिया पर लेफ्ट लिबरल गैंग लगातार यह प्रोपगैंडा फैलाने में लगा हुआ है कि दोनों आरोपित हिंदू हैं।

इतना ही नहीं जानबूझकर दोनों के नाम भी पूरे नहीं लिखे जा रहे हैं। पोस्ट में अजीम राणा और आजाद राजपूत लिखने की बजाय केवल राणा और राजपूत लिख कर दोनों की फोटो डाली जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मोहम्मद शैम्स नाम के एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान के लिए जासूसी करते राणा और राजपूत गिरफ्तार।”

इसी तरह प्रियांशी फॉर रागा नाम की यूजर ने लिखा, “ये पाकिस्तानी जासूस तो हिंदू निकले। छछूंदर 2 का propaganda फुस्स हो गया।”

इसी तरह नजरुल्लाह नाम के यूजर ने भी फोटो शेयर करते हुए लिखा, “पाकिस्तान के लिए जासूसी करते राणा और राजपूत गिरफ्तार।”

इन्ही की तरह नफीस अंसारी नाम के यूजर ने तो पूरी वीडियो ही इस पर बना दी कि दोनों हिंदू है और इस पर मीडिया चुप है।

अमित यादव नाम के एक यूजर ने भी पूरा नाम लिखने की बजाय ‘पाकिस्तानी जासूस निकले राजपूत और राणा’ लिखा।

एक यूजर ने लिखा, “अब हिन्दू मजबूत होगा और देश विश्वगुरु बनेगा क्योंकि “पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए राणा और राजपूत गिरफ्तार”, इस अतुलनीय कार्य के लिए इन्हें भारतरत्न दे देना चाहिए क्योंकि हमारे देश कई उदाहरण ऐसे हैं कि अंग्रेजों के जासूस भारतरत्न हुए हैं।”

ISI समर्थित गैंगस्टर को भेजी जा रही थीं सूचनाएँ, मोबाइल से मिले राष्ट्र विरोधी सबूत
पुलिस के अनुसार, आरोपित पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर और ISIS समर्थित शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। दोनों आरोपित भारत के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और अन्य लोकेशनों की जानकारी और तस्वीरें उसे भेज रहे थे। IB की जाँच में आरोपितों के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन में कई अहम सुराग मिले हैं।
इनमें संदिग्ध चैट, फोटो, वीडियो और लोकेशन डेटा शामिल हैं, जो देश विरोधी गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
हापुड़ के धौलाना थाने में दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 152 और 61(2) के साथ-साथ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

