नेपाल के बीरगंज, जनकपुरधाम और गोलबाजार में शुक्रवार और शनिवार (26-27 दिसंबर 2025) को बड़े प्रदर्शन हुए। ये प्रदर्शन बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंदुओं की दो हत्याओं के खिलाफ थे। 18 दिसंबर को हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को झूठे ईशनिंदा आरोप में भीड़ ने मार डाला और शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी। इसके बाद 24 दिसंबर को अमृत मंडल उर्फ सम्राट को भी भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया।
इन घटनाओं के बाद नेपाल में ‘राष्ट्रीय एकता अभियान’ नामक हिंदू अधिकार संगठन ने गोलबाजार में विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने ईस्ट-वेस्ट हाईवे जाम किया और ‘हिंदुओं की हत्या बंद करो’ व ‘अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करो’ जैसे नारे लगाए।
संगठन के जिला अध्यक्ष हेमंत सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाना है। इसके साथ ही शनिवार (27 दिसंबर 2025) को मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए नेपाल ने बीरगंज में रैली निकाली। उन्होंने हत्याओं की निंदा की और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया।
ये प्रदर्शन दर्शाते हैं कि नेपाल में भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लोगों में गहरी चिंता और गुस्सा है।

