हथियारों से लैस बांग्लादेशी मुस्लिमों की भीड़ ने BSF जवानों पर बोला धावा, घुसपैठिए को वापस भेजने पर इकट्ठा हुए इस्लामी कट्टरपंथी

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार-अजीजपुर सीमा क्षेत्र में शनिवार (6 जून 2026) की शाम उस समय तनाव पैदा हो गया, जब डंडों और धारदार हथियारों से लैस बांग्लादेशी मुस्लिमों की एक भीड़ BSF जवानों की ओर बढ़ने लगी। यह घटना शाम करीब 5:30 बजे पतग्राम उपजिला के पिलर नंबर 5 के पास हुई।

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में स्थित दावाकमारी BSF कैंप के जवानों ने सीमा पर लगी बाड़ का एक गेट खोला और 855वें मुख्य सीमा स्तंभ के पास से एक 35 वर्षीय व्यक्ति को बांग्लादेशी क्षेत्र में भेज दिया।

घटना को देख रहे स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना BGB को दी। इसके बाद 61वीं BGB (तीस्ता-2) बटालियन के कालीरहाट कैंप की एक गश्ती टीम मौके पर पहुँची और उस व्यक्ति को वापस उसी रास्ते से जीरो लाइन तक ले आई। अधिकारियों का कहना है कि उसकी बातों और व्यवहार से वह मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब BSF जवानों ने उस व्यक्ति को दोबारा बांग्लादेश की ओर भेजने की कोशिश की। इससे सीमा के पास रहने वाले ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। देखते ही देखते यह खबर आसपास के इलाकों में फैल गई और डंडों व धारदार हथियारों से लैस लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

स्थिति बिगड़ती देख BGB के जवानों ने हस्तक्षेप किया और ग्रामीणों को समझाकर वहाँ से हटाया। BGB ने दावाकमारी BSF कैंप के कमांडर के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराते हुए उस व्यक्ति को भारतीय क्षेत्र में वापस लेने की माँग की।