बंगाल पुलिस ने ‘एक्टिविस्ट’ गार्गा चटर्जी को किया गिरफ्तार, भड़काऊ टिप्पणियाँ और EVM को लेकर फैला रहा था अफवाह

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भड़काऊ टिप्पणियों और ईवीएम (EVM) को लेकर अफवाह फैलाने के मामले में कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बांग्ला पक्खो (Bangla Pokkho) संगठन के प्रमुख और ‘एक्टिविस्ट’ गार्गा चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया है।

यह कार्रवाई चुनाव आयोग की शिकायत के बाद शुरू हुई। आयोग ने कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि गार्गा चटर्जी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए ईवीएम में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैला रहे थे जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी।

कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद के अनुसार, गार्गा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर ईवीएम में छेड़छाड़ और चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों से जुड़े पोस्ट किए थे। इन पोस्ट्स के कारण राजनीतिक दलों और आम लोगों के बीच अलग-अलग तरह की धारणाएँ बनीं और माहौल प्रभावित हुआ।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एक और मामला दर्ज किया था क्योंकि गार्गा चटर्जी लगातार सोशल मीडिया पर अलग-अलग समुदायों को लेकर भड़काऊ बातें लिख रहे थे।

पुलिस ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद गार्गा चटर्जी को 2 बार नोटिस भेजा गया लेकिन वो पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्हें कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया। गार्गा चटर्जी को बुधवार को कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश किया जाएगा।