‘सड़कों पर नहीं होगी नमाज, प्यार से मानेंगे तो ठीक वर्ना दूसरे तरीके भी हैं’: कानून व्यवस्था पर CM योगी का सख्त संदेश, कहा- बरेली में ताकत लगाकर भी देख ली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजधानी लखनऊ में रविवार (18 मई 2026) को आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने साफ कहा कि राज्य में किसी भी हालत में सड़कों पर नमाज नहीं होने दी जाएगी और अगर ये बात प्यार से नहीं मानी गई तो दूसरे तरीके अपनाए जाएँगे।

सीएम ने अपने संबोधन में कहा, “लोग मुझसे पूछते हैं साहब आपके यहाँ यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूँ कतई नहीं होती है। आप जाकर देख लो नहीं होती है। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा। क्या अधिकार है उसको सड़क रोकने का? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? जहाँ उसका स्थल होगा वहाँ जाकर करें।”

उन्होंनेकहा, “उन लोगों ने मुझसे कहा साहब कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा शिफ्ट में कर लो। तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो। और नहीं है सामर्थ्य, तो क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही है और ये चाहिए आपको कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करना हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “नमाज पढ़नी आवश्यक है। आप शिफ्ट में पढ़िए। हम उसको रोकेंगे नहीं लेकिन सड़क पर नहीं। सड़क चलने के लिए एक आम नागरिक के लिए, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे।”

अंत में उन्होंने कहा, “हमने कहा भाई नहीं चलने देंगे। अराजकता नहीं सड़कों पर फैलने देंगे। प्यार से मानेंगे ठीक बात है। नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएँगे। आप संवाद से मानेंगे संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का कार्य किया। देख लिया ताकत। इसलिए सरकार उन सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती।”