सोमवार (20 जुलाई 2026) की सुबह करीब 10 बजे ड्रोन से ली गई तस्वीरों में जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों से पूरी तरह भरा हुआ दिखाई दिया। ये लोग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ आह्वान पर संसद की ओर प्रस्तावित मार्च से पहले यहाँ जुटे थे। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसी बीच ड्रोन से ली गई तस्वीरों को यह दिखाने के लिए शेयर किया गया कि प्रदर्शन स्थल पर कितनी बड़ी संख्या में लोग पहुँचे थे।

ऐसा ही एक वीडियो दोपहर एक बजे शेयर किया गया।

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने भी एक ड्रोन फुटेज दोपहर 2.30 बजे शेयर की।

सौरव दास ने जो वीडियो शेयर किया, वह आगे देश-विदेश के मीडिया संस्थान ने भी प्रसारित किया। इसके बाद इसे उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बड़े स्तर पर वायरल करवाया गया। हालाँकि, इस ड्रोन वीडियो के सामने आने के बाद ड्रोन उड़ाने की वैधता को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

भारत सरकार के डिजिटल स्काई (Digital Sky) एयरोस्पेस के मुताबिक, जंतर-मंतर कई रेड जोन (Red Zone) के भीतर आता है। ड्रोन नियम, 2021 के मुताबिक, रेड जोन में बिना पहले से अनुमति लिए कोई भी व्यक्ति ड्रोन नहीं उड़ा सकता। रेड जोन सबसे ज्यादा प्रतिबंध वाला इलाका होता है और यहाँ ड्रोन उड़ाने की इजाजत सिर्फ केंद्र सरकार ही दे सकती है। ऐसे इलाके में बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जाता है।

क्या कहते हैं ड्रोन नियम, 2021?
ड्रोन नियम, 2021 के नियम 22 में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति रेड जोन या येलो जोन में बिना परमिशन के ड्रोन नहीं उड़ा सकता। सिर्फ ग्रीन जोन में ही बिना पहले से परमिशन के ड्रोन उड़ाया जा सकता है। हालाँकि, ग्रीन जोन में भी उड़ाने से पहले रिमोट पायलट को डिजिटल स्काई मैप पर जाकर यह देखना होता है कि उस इलाके में कोई नया प्रतिबंध तो लागू नहीं हुआ है।
नियम यह भी साफ कहते हैं कि ड्रोन किस मकसद से उड़ाया जा रहा है, इससे कानून नहीं बदलता। चाहे ड्रोन का इस्तेमाल किसी प्रदर्शन की कवरेज, फोटोग्राफी, पत्रकारिता, सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने या किसी निजी रिकॉर्डिंग के लिए किया जा रहा हो, रेड जोन में बिना परमिशन ड्रोन उड़ाने की छूट नहीं मिलती।
इसी तरह अगर ड्रोन बहुत कम ऊँचाई पर उड़ाया गया हो, तब भी नियम नहीं बदलते। अगर इलाका रेड जोन में है, तो उड़ान भरने से पहले सरकार की अनुमति लेना जरूरी है, चाहे ड्रोन कितनी भी ऊँचाई पर उड़ाया जाए।
डिजिटल स्काई मैप के मुताबिक, जंतर-मंतर रेड जोन के भीतर आता है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय रेड जोन को ‘नो ड्रोन जोन’ मानता है। यानी ऐसे इलाके में ड्रोन उड़ाने से पहले सरकार से मंजूरी लेनी जरूरी है।
नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई?
ड्रोन नियम, 2021 के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति को ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जाता है। हालाँकि, जुर्माना लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। इसके अलावा DGCA ड्रोन से जुड़े किसी भी सर्टिफिकेट, मंजूरी को निलंबित या रद्द भी कर सकता है, अगर नियमों का उल्लंघन साबित होता है।
ऐसे में अब CJP को सफाई देनी होकी कि आकिर रेड जोन एरिया में ड्रोन उड़ाने की परमिशन ली गई थी या नहीं। अगर ऐसी कोई परमिशन नहीं गई थी, तो ‘संसद चलो’ मार्च की रिकॉर्डिंग के लिए उड़ाया गया यह ड्रोन बिना परमिशन के उड़ाया गया ही माना जाएगा और यह रेड जोन में ड्रोन उड़ाने से जुड़े नियमों का उल्लंघन होगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुसार जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि यह संदेश न जाए कि रेड जोन में बिना परमिशन ड्रोन उड़ाना स्वीकार किया जाता है।

