‘जानबूझकर आहत की धार्मिक भावनाएँ’: TCS नासिक कांड में दानिश शेख को कोर्ट से नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

महाराष्ट्र के नासिक की एक कोर्ट ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के कर्मी दानिश एजाज शेख की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हिंदू महिलाओं के शोषण और उत्पीड़न से जुड़े एक पूरे मामले में एजाज शेख पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप लगे हैं।

बार ऐंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीवी कथारे ने मंगलवार (21 अप्रैल 2026) को पारित अपने आदेश में कहा कि FIR में दर्ज आरोप प्रथम दृष्टया यह संकेत देते हैं कि आवेदक द्वारा जानबूझकर ऐसे काम किए गए जिनका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को आहत करना था। शेख के खिलाफ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है।

अदालत ने कहा कि आवेदक के खिलाफ गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि के संकेत हैं तो आरोपों को अलग-थलग करके नहीं दे सकते हैं। न्यायालय के अनुसार, आरोपित अपराध का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। अदालत ने यह भी माना कि मामले की जाँच अभी शुरुआती चरण में है और यदि इस समय शेख को रिहा किया जाता है, तो इससे जाँच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। शेख फिलहाल एक अन्य मामले में नासिक सेंट्रल जेल में बंद हैं।