फेसबुक पर की मुस्लिम बहुल ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद की आलोचना, अदालत ने शख्स को सुनाई फाँसी की सजा

ट्यूनीशिया में बुधवार (1 अक्टूबर 2025) को एक 51 वर्षीय शख्स को फेसबुक पर मुस्लिम बहुल देश ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद की आलोचना करने के चलते मौत की सजा सुनाई गई। ट्यूनीशिया की अदालत ने उसे ‘ऑनलाइन झूठी जानकारी फैलाने’, ‘राष्ट्रपति का अपमान करने’ और ‘सरकार को उखाड़ने की कोशिश करने’ के आरोप में दोषी पाया था।

अदालत का कहना है कि इस व्यक्ति के फेसबुक पोस्ट्स ने हिंसा भड़काई और देश की दंड संहिता का उल्लंघन किया है। यह बात ध्यान देने वाली है कि ट्यूनीशिया ने 1991 के बाद से किसी को भी मौत की सजा नहीं दी है।

दोषी के वकील उस्सामा बौथेलजा ने कहा, “ज्यादातर कंटेंट उसने दूसरों के पेज से कॉपी किया था और कुछ पोस्ट्स पर कोई प्रतिक्रिया भी नहीं आई थी। अदालत में उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल अपनी कठिन जिंदगी की समस्याओं पर अधिकारियों का ध्यान खींचना था, न कि अशांति फैलाना।”

देश के अधिकार समूहों ने इस फैसले पर चिंता जताई है और कहा है कि यह फ्री स्पीच के लिए बहुत खतरनाक उदाहरण बनेगा।

ट्यूनीशिया के वर्तमान संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति का मुस्लिम होना अनिवार्य है। 2021 में सत्ता संभालने के बाद से कैस सईद ने संसद को निलंबित कर सभी शक्तियाँ अपने हाथ में ले ली हैं और अपने विरोधियों को जेल में डाल दिया है।