‘भाषण के एक हिस्से को गलत तरीके से दिखाया गया’: राजनाथ सिंह के वायरल वीडियो पर रक्षा मंत्रालय का आया बयान

रक्षा मंत्रालय ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनके भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके यह झूठा दावा गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कोई भी भारतीय सैनिक हताहत नहीं हुआ था, जबकि पूरा संदर्भ एक अलग संदर्भ से जुड़ा हुआ था।

मंत्रालय के अनुसार, यह बयान उस समय फैलाए जा रहे उन दावों के जवाब में था, जिनमें भारतीय पायलटों की क्षति को लेकर झूठी अफवाहें फैलाई जा रही थीं। सरकार ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चल रही गलत सूचनाओं का उद्देश्य न केवल अभियान की सफलता को कम आँकना था, बल्कि जनता के मनोबल को प्रभावित करना भी था।

रक्षा मंत्री ने संसद के पटल पर साफ कहा था कि मीडिया के कुछ हिस्सों और सोशल मीडिया पर कई जगहों में ये जोर शोर से कहा जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय पायलट खो गए, लेकिन ये बात सरासर गलत, झूठी और भ्रामक है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई की थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी गलत व्याख्या की जा रही है, जिसे मंत्रालय ने पूरी तरह भ्रामक बताया है।

छह बलिदानियों के नाम पहले से सार्वजनिक, बयान का पूरा संदर्भ समझना जरूरी: मंत्रालय

रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कुल छह सैन्य कर्मियों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिनमें थलसेना के पाँच जवान और भारतीय वायुसेना का एक तकनीकी कर्मी शामिल है। इनमें से कुछ की मृत्यु सीमा पार से हुई गोलाबारी और अन्य सैन्य गतिविधियों के दौरान हुई थी। इनके नाम राष्ट्रीय समर स्मारक पर अंकित किए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि इन सभी बलिदानियों को समय-समय पर आधिकारिक रूप से सम्मानित और सार्वजनिक रूप से मान्यता दी गई थी और उनके नाम बाद में National War Memorial पर भी अंकित किए गए हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि राजनाथ सिंह के संसद भाषण को केवल एक हिस्से के आधार पर समझना गलत है।

उनके पूरे संबोधन में ऑपरेशन की उपलब्धियों, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और सशस्त्र बलों के साहस का विस्तृत उल्लेख था। सरकार ने दोहराया कि सभी बलिदानियों के परिवारों को समय पर सम्मान, सहायता और सभी सरकारी सुविधाएँ प्रदान की गई हैं, और उनका बलिदान हमेशा राष्ट्र की स्मृति में दर्ज रहेगा।