पत्रकारों पर किया हमला, रिपोर्टिंग करने के बीच डाला अड़ंगा, महिलाओं को भी नहीं बख्शा: CJP के तिलचट्टों ने ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन के नाम पर की गुंडागर्दी, देखें Videos

राजधानी दिल्ली में कॉकरोचों के प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों पर लगातार हमला हो रहा है, इसके अलावा बदसलूकी की Videos भी सामने आ रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को कवर करने पहुँचे विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के साथ न सिर्फ धक्का-मुक्की की गई, बल्कि ‘गोदी मीडिया हाय-हाय’ के उग्र नारे लगाते हुए उन पर अज्ञात वस्तुएँ और सफेद रंग का पदार्थ भी फेंका गया। कॉकरोच जनता पार्टी के इन प्रदर्शनकारियों के नाम पर गुंडों का असल चेहरा सबके सामने आ रहा है। घटना से जुड़े तमाम बदसलूकी के Videos सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है।

एबीपी न्यूज़ के पत्रकार को घेरा, सफेद रंग का पदार्थ फेंका

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एबीपी न्यूज़ (ABP News) के रिपोर्टर जब तिलचट्टों के प्रोटेस्ट की कवरेज कर रहे थे, तभी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र समर्थकों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ ने रिपोर्टर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और डराने-धमकाने की नीयत से मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति पैदा कर दी।

हद तो तब हो गई जब शांत होकर वहाँ से निकल रहे पत्रकार पर सफेद रंग का कुछ पदार्थ फेंका गया। यही नहीं, उपद्रवियों ने पत्रकार की शर्ट की जेब में जबरन कुछ ठूँसने का प्रयास भी किया। प्रदर्शन में मौजूद चेहरे ढके और मुखौटा लगाए युवक किसी भी लिहाज से आम प्रदर्शनकारी नहीं, बल्कि भाड़े के गुंडे प्रतीत हो रहे थे, जिन्हें केवल हंगामा, दंगा और हिंसा फैलाने के उद्देश्य से भेजा गया था।

गुंडों ने महिला पत्रकारों को भी नहीं बख्शा

एक नजर इस वीडियो पर भी डाले। खुद को प्रदर्शनकारी बताने वाले ये भाड़े के गुंडों ने पुरुष पत्रकारों के अलावा महिला पत्रकारों को भी नहीं बख्शा। आंदोलन के समय, आंदोलनकारियों ने महिला पत्रकारों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, और कुछ जगहों पर महिला पत्रकारों के साथ छेड़छाड़ भी की गई। ये कहीं से भी स्टूडेंट नहीं दिखाई देते है, ये केवल मौके का फायदा उठाने वाले दंगाई थे। इनके नारे ध्यान से सुनिए। तब आपको पता चलेगा कि ये दंगाई कौन थे।

पहली घटना नहीं: ‘ऑपइंडिया’ के पत्रकार अनुराग मिश्रा पर दो बार हमला

यह पहली बार नहीं है जब कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में पत्रकारों को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी ‘ऑपइंडिया’ (OpIndia) के ग्राउंड रिपोर्टर अनुराग मिश्रा जब जंतर-मंतर पर समर्थकों से उनकी माँगों को लेकर बातचीत कर रहे थे, तब सीजेपी के लोगों ने उन्हें घेरकर सरेआम गुंडागर्दी की थी।

अनुराग मिश्रा के साथ बदसलूकी, धक्का-मुक्की और शारीरिक हमला किया गया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यक्रमों में पत्रकारों पर हमला एक पैटर्न बन चुका है। पत्रकार अनुराग मिश्रा ने साहसिक रुख अपनाते हुए कहा था, “हम वहाँ सिर्फ निष्पक्षता से सवाल पूछ रहे थे। लेकिन सवाल पसंद न आने पर हमला कर दिया गया। अगर देश की राजधानी में ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाता है?”

शांतिपूर्ण आंदोलन के नाम पर हिंसा-उपद्रव

किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार शांतिपूर्ण होना चाहिए, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन में हाथों में पत्थर, चेहरे पर नकाब और आक्रामकता देखने को मिली। अगर यह वास्तव में एक वैचारिक प्रदर्शन होता, तो प्रदर्शनकारी अपनी बात शांति से रखते, न कि पत्रकारों पर हमले करते और उन्हें बेइज्जत करते।

इस प्रदर्शन में जो सबसे ज्यादा सेफ साइज में बैठे है वो अभिजीत दीपके, AAP पार्टी के तमाम नेता (जिनका Video हंगामे के बीच हँसता हुआ आया था), विपक्ष, और वामपंथी। क्योंकि इन लोगों ने मासूमों को आगे करके, उनके बीच गुड़ों को भेजकर माहौल को उग्र कर दिया है, जिससे ये साबित हो सके, कि केंद्र में बैठी सरकार लोगों की सुनती नहीं है और मासूम स्टूडेंट्स पर अपने पुलिसकर्मियों से हमला करवाती है।