दिल्ली सरकार ने राजधानी में चल रहे 923 कोचिंग संस्थानों की जाँच कराने का फैसला किया है। यह कदम लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उठाया गया है, जिसमें एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर में लगी आग से 15 लोगों की मौत हो गई थी।
मरने वालों में ज्यादातर छात्र-छात्राएँ थे। शुरुआती जाँच में सामने आया कि भवन में कई गंभीर सुरक्षा खामियाँ थीं और आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
इसी घटना को देखते हुए दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री अशीष सूद ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साफ कहा गया कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवारिया सराय जैसे बड़े कोचिंग हब में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) की संयुक्त टीमें कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन नियमों और अन्य सुरक्षा मानकों की जाँच करेंगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कोचिंग संस्थानों के लिए नया नियामक ढाँचा तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

