मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले दावे किए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, लेकिन इसी बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान अमेरिका की ओर बड़ी संख्या में तेल टैंकर भेज रहा है।
साथ ही उन्होंने खर्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना जताकर स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ट्रंप के मुताबिक ईरान ने पहले 10 और अब कुल 20 बड़े तेल टैंकर अमेरिका की ओर भेजने का फैसला किया है, जो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरेंगे। उन्होंने इसे ईरान की ओर से ‘सम्मान का संकेत’ बताया।
ट्रंप ने कहा कि ये टैंकर तेल से भरे हुए हैं और आने वाले दिनों में इनकी आवाजाही जारी रहेगी। उनका दावा है कि यह कदम इस बात का संकेत है कि ईरान बातचीत को लेकर गंभीर है और तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
खर्ग द्वीप पर नजर, सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
एयर फोर्स वन में बातचीत के दौरान ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए खर्ग द्वीप को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस द्वीप पर कब्जा करने के विकल्प पर विचार कर रहा है, जहाँ से ईरान का लगभग 90% तेल निर्यात होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ऐसा कदम उठाया जाता है तो वहां लंबे समय तक अमेरिकी सैन्य मौजूदगी रखनी पड़ेगी।
ट्रंप ने कहा कि ईरान फिलहाल कमजोर स्थिति में है और उसे अब अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ‘न्यूक्लियर डस्ट’ तक सौंप देगा और अमेरिका की शर्तें मानेगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान देश ही नहीं रहेगा।
इससे पहले अमेरिका 13 मार्च 2026 को यहाँ हवाई हमला कर चुका है। इस बयान पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है और सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी सैनिकों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफकारी ने कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिक यहाँ आए तो वह शार्क का भोजन बन जाएँगे।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखी 15 शर्तों में से ज्यादातर मानी: ट्रंप
ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका की 15 शर्तों में से ज्यादातर को मान लिया है। उन्होंने बताया कि ये माँगें पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुँचाई गई थीं। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने ज्यादातर शर्तों पर सहमति जता दी है और आगे कुछ और मुद्दों पर भी बात हो सकती है।
हालाँकि ईरान की राजधानी तेहरान ने पिछले हफ्ते इस 15 बिंदुओं वाली योजना को तुरंत स्वीकार नहीं किया था। ईरान के विदेश मंत्री ने पहले माना था कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत हो रही है, लेकिन उन्होंने अमेरिका के रुख पर शक भी जताया था।

