ममता सरकार में मंत्री रहते पैसे-फ्लैट लेकर 150 लोगों को दी नौकरी, ED ने सुजीत बोस को किया गिरफ्तार: बंगाल में BJP सरकार बनते ही नगर निगम भर्ती घोटाले में एजेंसी का एक्शन

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पर एक्शन शुरू हो गया है। इसमें सबसे पहले ममता सरकार में दमकल मंत्री रहे सुजीत बोस पर नकेल कसी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है।

जाँच एजेसी के मुताबिक, बोस ने साउथ दमदम नगरपालिका में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 150 उम्मीदवारों की सिफारिश की थी और इसके बदले कई फ्लैट और पैसे लिए थे। इसके अलावा ED को बोस के बैंक खाता में भारी मात्रा में नकद जमा होने के भी सबूत मिले हैं। मंगलवार (12 मई 2026) को बोस को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

ED की जाँच और कार्रवाई

सोमवार (11 मई 2026) की सुबह 10.30 बजे नगरपालिका भर्ती घोटाले में ED ने सबूतों के आधार पर TMC नेता सुजीत बोस को पूछताछ के लिए कोलकाता स्थित ED के दफ्तर सीजीओ कॉम्पलेक्स में बुलाया। यहाँ करीब 10 घंटे की पूछताछ चली। इस दौरान सुजीत बोस का फोन भी जब्त कर लिया गया। सुजीत बोस के बयानों में उन पर लगे आरोप सिद्ध हो गए। इसके बाद रात 9 बजकर 15 मिनट पर सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया गया।

ED की जाँच में सामने आया कि तत्कालीन चेयरमैन पांचू रॉ और सुजीत बोस के निर्देश पर अयान शील की एजेंसी की मदद से OMR शीट के नंबर बदले गए थे। यहाँ तक कि जिन उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शून्य अंक मिले थे, उन्हें भी सुजीत बोस और पांचू रॉय के कहने पर पक्की नौकरी दिलाई गई। इस मामले में पांचू रॉय के खिलाफ CBI पहले ही चार्जशीट पेश कर चुकी है।

इससे पहले बंगाल चुनाव के दौरान भी ED ने सुजीत बोस को समन किया था। और उससे पहले 10 अक्टूबर 2025 को ED ने बोस और उनके बेटे के दफ्तर, रेस्तरां और करीबियों के ठिकाने पर छापेमारी की थी।

कौन है सुजीत बोस?

सुजीत बोस का राजनीतिक सफर CPI-M की युवा विंग DYFI से शुरू हुआ। वे तत्कालीन राज्य परिवहन मंत्री सुभाष चक्रवर्ती के बेहद करीबी माने जाते थे। हालाँकि, 90 के दशक में दोनों के रास्ते अलग हो गए और 2001 में बोस ने TMC ज्वॉइन कर ली।

साल 2006 में सुजीत बोस ने अपना पहला विधानसभा चुनाव अपने गुरु सुभाष चक्रवर्ती के खिलाफ लड़ा और हार गए। इसके बाद 2009 में सुभाष चक्रवर्ती के निधन के बाद उनकी पत्नी रमाला के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। और फिर 2021 में चुनाव में जीत हासिल कर ममता सरकार में मंत्री बने।

2026 चुनाव में BJP से मिली शिकस्त

अब विधानसभा चुनाव 2026 में सुजीत बोस को अपने ही गढ़ बिधाननगर सीट से करारी शिकस्त मिली। इस सीट से BJP के उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी ने 37,330 वोटों से जीत दर्ज की है। बताया गया कि क्षेत्र में जर्जर सड़कों, जगह-जगह कचरे के ढेरों और जलभराव जैसी स्थानीय समस्याओं के चलते जनका में उनके खिलाफ नाराजगी थी।

क्या है नगर निगम भर्ती घोटाला?

यह मामला बंगाल के विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं में हुई अवैध भर्तियों से जुड़ा है। इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने जाँच शुरू की थी। ED की जाँच में सामने आया कि बंगाल में करीब 60 नगर निगमों में स्थायी पदों पर लगभग 5000 उम्मीदवारों की अवैध तरीके से भर्ती की गई है।

इस घोटाले में कांचरापाड़ा, न्यू बैरकपुर, कमरहाटी, टीटागढ़, बरानगर, हलिशहर, साउथ दमदम और दमम जैसी नगर पालिकाओं में तक अवैध भर्तियाँ हुईं। यहाँ मजदूर, स्वीपर, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, ड्राइवर और अन्य पदों पर अवैध नियुक्तियाँ हुईं।