EX-मुस्लिमों को लेकर सलीम वास्तिक निकला काँवड़ यात्रा पर, हरिद्वार पहुँच धर्मशाला में किया हवन-यज्ञ: समिति ने कहा- ये सब नहीं करेंगे बर्दाश्त

गुरुवार (30 जुलाई) से पवित्र काँवड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। इस यात्रा के दौरान चारों तरफ शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। इसी बीच, चर्चा में रहे और स्वयं को ‘EX-मुस्लिम’ बताने वाले सलीम वास्तिक समेत पाँच लोग हरिद्वार पहुँचे हैं। सलीम वास्तिक चार अन्य EX मुस्लिमों के साथ काँवड़ लेने के लिए हरिद्वार आए हैं। वे सभी गाजियाबाद से यहाँ पहुँचे हैं।

बता दें कि सलीम वास्तिक को एक जाना-माना सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और यूट्यूबर माना जाता हैं। वे खुद को एक्स-मुस्लिम और एक्टिविस्ट बताते हैं। फरवरी 2026 में गाजियाबाद में उन पर दो जिहादियों ने जानलेवा हमला किया था जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उनके कुछ बयान काफी वायरल हुए थे और वे लगातार चर्चा में बने रहे। उनकी इस यात्रा को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ भी पूरी तरह सतर्क हैं।

धर्मशाला में हंगामा और पुलिस का दखल

बुधवार (29 जुलाई) को सलीम वास्तिक और उनके साथी हरिद्वार के रोड धर्मशाला पहुँचे थे। वहाँ पहुँचकर उन्होंने हवन-यज्ञ करना शुरू कर दिया। इस दौरान धर्मशाला समिति ने उनके वहाँ हवन करने पर कड़ी आपत्ति जताई। इस बात को लेकर मौके पर काफी हंगामा हो गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच गई। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए EX-मुस्लिम सलीम वास्तिक और उनके साथियों को रोड धर्मशाला छोड़कर किसी दूसरे सुरक्षित आश्रम में जाने को कहा। इसके बाद वे सभी लोग वहाँ से निकलकर दूसरे आश्रम चले गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलीम वास्तिक और उनके साथियों ने बताया कि उनका हरिद्वार आने का मुख्य उद्देश्य बहुत साफ है। वे विश्व शांति, सामाजिक सौहार्द और देश में अमन-चैन की कामना के साथ यह काँवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनका यह विशेष हवन कार्यक्रम 6 अगस्त तक चलेगा।

समूह के सदस्यों ने जानकारी दी कि वे 7 अगस्त को हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल भरेंगे। इसके बाद वे सभी लोग गाजियाबाद के लिए रवाना हो जाएँगे। गाजियाबाद पहुँचकर वे प्रसिद्ध डासना पीठ में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। पंडितों की आपत्ति के बाद भी उन्होंने साफ कहा है कि वे अपना हवन-यज्ञ लगातार जारी रखेंगे।

अनीषा बानो की यात्रा का कारण

इस समूह में शामिल अनीषा बानो ने अपनी आपबीती साझा की है। उन्होंने बताया कि वे दो वर्ष पहले ही इस्लाम छोड़ चुकी हैं। वे मूलरूप से राजस्थान की रहने वाली हैं। वर्ष 2024 में उनके पति ने उन्हें तलाक दे दिया था।

अनीषा ने बताया कि तलाक के बाद उनके पति ने उनके दोनों बच्चों को अपने पास रख लिया है। उन्हें उनके बच्चों से मिलने तक नहीं दिया जाता है। वे अपने बच्चों की सलामती की खास कामना के साथ इस काँवड़ यात्रा और हवन में शामिल हुई हैं।