उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक करीब एक महीने तक अस्पताल में इलाज कराने के बाद रविवार (30 मार्च 2026) को अपने घर लौट आए। हालाँकि गले पर गंभीर चोट के कारण वह अभी बोलने में असमर्थ हैं।
उनकी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उनके घर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और दो सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
गला ही कटा है जान नहीं गई: सलीम वास्तिक ने कहा- मैं डरा नहीं हूँ
गले में चोट के कारण सलीम अभी बोल नहीं पा रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने घर आने पर लिखा, “गला ही कटा है, जान तो नहीं गई। डरा नहीं हूँ और ज्यादा मजबूत हुआ हूँ। अब पहले से ज्यादा मजबूती के साथ कट्टरवाद का विरोध करूँगा।” उन्होंने कहा कि जानलेवा हमला होने के बाद भी मानवता के लिए डर कर पीछे हटने वालों में से नहीं है।
सलीम वास्तिक ने बताया कि अस्पताल में उनसे मिलने आए उनके साथी समीर को भी जान से मारने की धमकी मिली है, इसके बावजूद वह बिना डरे काम कर रहे हैं। सलीम ने कहा कि वह सभी से मिलना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल बोलने में असमर्थ हैं और पूरी तरह स्वस्थ होने में लगभग एक महीना और लग सकता है।
गौरतलब है कि लोनी थाना क्षेत्र की निठौरा रोड स्थित अली गार्डन कॉलोनी में 27 फरवरी 2026 को सलीम वास्तिक पर बेहद खतरनाक तरीके से हमला किया गया था। हेलमेट पहने दो सगे भाई जीशान और गुलफाम उनके कार्यालय में घुसे और सर्जिकल ब्लेड से उनका गला काट दिया।
इसके बाद हमलावरों ने काँच के टुकड़ों से उनकी कमर और पेट पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ करीब 26 दिनों तक उनका इलाज चला।
मुठभेड़ में मारे गए हमलावर, पाकिस्तान एंगल की बात आई सामने
हमले के दोनों आरोपितों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। घटना के एक सप्ताह के भीतर 1 मार्च को जीशान को और 3 मार्च को उसके बड़े भाई गुलफाम को गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दोनों पर इनाम भी घोषित था।
सलीम वास्तिक ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान से जुड़े एंगल की आशंका जताई है। उनका कहना है कि उन्हें 15 दिन पहले ही पाकिस्तान से धमकी मिली थी और किसी संस्था द्वारा हमलावरों को हायर किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि हमलावरों को उन्होंने पहले कभी इलाके में नहीं देखा था।

