जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन में शामिल होगा पंजाब का किसान संगठन, आतंकी गैंग SFJ के पन्नू की $100000 की फंडिंग के बाद हुई घोषणा

भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहन) ने ऐलान किया है कि वह जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होंगे। तथाकथित किसान समूह ने कहा कि उसके सदस्य 27 जुलाई को दिल्ली के लिए मार्च करेंगे और अपनी माँगें पूरी होने तक वहीं रहेंगे।

इस संगठन ने, जिसने 2020 में CAA-विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था, कहा है कि उसके सैकड़ों कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर खाना और अन्य जरूरी सामान इकट्ठा करेंगे और उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर ले जाएँगे।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने इस खबर का स्वागत करते हुए कहा, “अब आएगा और मजा।”

सौरव दान ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “सरकार को यह समझना होगा कि या तो वह दिल्ली लाए जा रहे टैंकों का इस्तेमाल करके शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बम गिरा सकती है (मतलब, इन्हें लाकर वे क्या करना चाहते हैं? क्या वे अपने ही बच्चों को मारना चाहते हैं? क्या गाँधी के भारत में हम इसी मुकाम पर पहुँच गए हैं?) या फिर उनकी माँगे मान ले। समय तेजी से बीत रहा है।”

‘छात्रों पर बम गिराने के लिए टैंक आ रहे हैं’ वाले झूठे दावे

यहाँ यह ध्यान देने वाली बात है कि सौरव दास ‘टैंक लिए जाने’ के बिना पुष्टि वाले दावों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ‘छात्रों पर बमबारी’ के लिए टैंक लाए जाने की कोई रिपोर्ट नहीं है, और इस दावे के पीछे का मकसद प्रदर्शनकारियों को और ज्यादा हिंसा के लिए उकसाना हो सकता है। ‘तत्व इंडिया’ नाम के एक पोर्टल ने मिलिट्री गाड़ी की एक तस्वीर शेयर की थी जिसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था और उसे CJP प्रदर्शनों से जोड़ दिया था।

बाद में उन्होंने वह पोस्ट हटा दी, लेकिन यह साफ है कि सौरव दास जैसे लोग जानबूझकर डर फैलाने और गलत जानकारी देने वाले तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि घबराहट फैलाई जा सके और हिंसा भड़काई जा सके।

खालिस्तानी आतंकवादी संगठन SFJ ने CJP को 10 लाख डॉलर फंडिंग देने की थी घोषणा

एक और बात ध्यान देने वाली है कि खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) ने हाल ही में CJP के लिए 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) की फंडिंग की घोषणा की थी। अमेरिका में मौजूद SFJ के लीडर और वांटेड आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 22 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर CJP को 10 लाख डॉलर की फंडिंग देने की घोषणा की, ताकि ‘मोदी की BJP को सत्ता से हटाया जा सके।’ SFJ के पोस्टर में कहा गया था, “मोदी का पतन तय है। भारत का टूटना ही एकमात्र समाधान है।”

दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के शामिल होने से 2020-21 के किसान आंदोलन की यादें ताजा हो गई हैं। उस समय SFJ ने लगातार अशांति फैलाने की कोशिश की थी और गणतंत्र दिवस पर लाल किले से तिरंगा हटाकर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले अपराधियों को 2.5 लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा भी की थी।

अगस्त 2021 में भी पन्नू ने उस व्यक्ति को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की थी जो पीएम मोदी को लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोक सके। किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तान-समर्थक समूहों ने बड़े पैमाने पर हिंसा की, जिसके कारण लोगों की मौतें हुईं और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा। तथाकथित किसान यूनियनों ने महीनों तक अहम हाईवे भी जाम करके रखे थे।