केरल के कोझिकोड साइबर क्राइम पुलिस ने ट्रांसजेंडर मेकअप आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जानमोनी दास के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में केस दर्ज किया है। यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से जुड़ा है।
यह मामला भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता नव्या हरिदास द्वारा कोझिकोड पुलिस आयुक्त शौकत अली को दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। पुलिस ने जानमोनी दास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 और 356(2) तथा केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120(o) के तहत मामला दर्ज किया है।
FIR के अनुसार, आरोपित ने सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ऐसी टिप्पणियाँ कीं, जिनसे समाज में अशांति फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका थी। विवादित वीडियो में जानमोनी ने प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माँ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि पहले मोदी यह पता करें कि उनके असली पिता कौन हैं।
बाद में यह भी सामने आया कि उन्होंने यह टिप्पणी एक फर्जी वीडियो के आधार पर की थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के परिवार से जुड़े झूठे दावे और मनगढ़ंत जानकारियां शेयर की गई थीं।
माफी माँगते हुए बोलीं- मेरी गलती थी
विवाद बढ़ने के बाद जानमोनी दास ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी माँगी थी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद पीएम मोदी की माँ के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना नहीं था बल्कि वह केवल उस वीडियो की सामग्री पर सवाल उठा रही थीं जिसे उन्होंने देखा था। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि वह मलयालम में अपनी बात सही ढंग से नहीं रख पाईं जिससे गलतफहमी पैदा हुई।
जानमोनी ने कहा, “अगर मेरी बातों से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो मैं दिल से माफी माँगती हूँ।” उन्होंने स्वीकार किया कि गूगल पर जानकारी देखने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनकी कही गई बातें गलत थीं और उन्हें कोई भी बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लेनी चाहिए थी।
जानमोनी ने यह भी दावा किया कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें केरल, देश के अन्य हिस्सों और विदेशों से धमकी भरे फोन कॉल और संदेश मिलने लगे थे। हालाँकि, भाजपा और संघ परिवार से जुड़े संगठनों ने उनकी माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यह केवल भाषा की समस्या नहीं थी बल्कि जानबूझकर की गई टिप्पणी थी। इसी माँग के बाद कोझिकोड साइबर क्राइम पुलिस ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया।

