The interactions with world leaders continue at the G7 Summit in Evian.@G7 pic.twitter.com/ZOrAaffrcX
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
विश्वास पर टिकी है दुनिया
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक-दूसरे पर निर्भर और जुड़ी हुई है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। मोबिलिटी, डेटा, पूँजी और तकनीक ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं। ऐसे समय में पार्टनरशिप का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो।
India believes that the true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
Our development partnerships reflect the same spirit.
Our efforts have focused on capacity building and skill development in partner countries.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रिगन का नाम लेते हुए पीएम मोदी ने उनके Trust but Verify स्लोगन को याद किया और कहा कि यह आज भी प्रासांगिक है। इस दौरान भारत ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की बात की और कहा कि भारत हमेशा विश्व को एक परिवार के रूप में देखता है।
आपसी विश्वास पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया रिसोर्स की कमी से नहीं बल्कि विश्वास की कमी झेल रही है। हमारा भविष्य और पार्टनरशिप विश्वास पर ही कायम है। पीएम ने कहा, विश्वास कि टेक्नॉलजी और सप्लाई चेन को हथियार के रूप में नहीं, ग्लोबल गुड्स के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… pic.twitter.com/NjNddWGtFF
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल न हो सप्लाई चेन
जी-7 समिट में राष्ट्रपति ट्रंप के बगल वाली सीट पर बैठे पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि पश्चिम एशिया के शांति प्रयासों का भारत स्वागत करता है। युद्ध की वजह से कई मित्र देशों को व्यापक जान-माल की क्षति हुई है। हॉर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही में आई बाधा की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इस दौरान भारत के कई नागरिकों को जान गँवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बगैर डर के अपना काम करें।
कोरोना महामारी ने हमें काफी सीख दी
पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुरना पड़ा। काफी बलिदानी के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएँ विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी ‘विश्वास’ ही था। लेकिन अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि भरोसा और एकजुटता के दावे कितने खोखले थे। इस दौरान भारत के प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और वैक्सीन उपलब्ध कराईं।

