जर्मनी के एक टूरिस्ट ने गुजरात के सूरत के सरकारी अस्पताल की जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि यहाँ उन्हें बिना किसी परेशानी के मुफ्त इलाज मिला। उन्होंने अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
जर्मनी के रहने वाले डेविड नेबेल भारत घूमने आए थे। इसी दौरान सूरत में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें तेज सिरदर्द होने लगा और ठंड भी लग रही थी। इसके बाद वह इलाज कराने के लिए सूरत के वेसू सरकारी अस्पताल पहुँचे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने पहले उनकी जाँच की। इसके बाद एहतियात के तौर पर मलेरिया और डेंगू का टेस्ट कराया गया। दोनों रिपोर्ट निगेटिव आईं। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें सिर्फ सामान्य सिरदर्द है और चिंता की कोई बात नहीं है।
डेविड ने बताया कि अस्पताल में उन्हें कहीं भी ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। डॉक्टरों ने जल्दी से उनकी जाँच की और जरूरी टेस्ट भी तुरंत करा दिए। सबसे बड़ी बात यह रही कि इलाज और जाँच के लिए उनसे एक भी रुपया नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि एक विदेशी होने के बावजूद उन्हें पूरी तरह मुफ्त इलाज मिला।
अपने वीडियो में डेविड ने जर्मनी के अस्पतालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहाँ कई बार डॉक्टर से मिलने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। लेकिन सूरत में वह सीधे अस्पताल पहुँचे, डॉक्टर से मिले और उसी दिन उनका इलाज भी हो गया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनकी उम्मीद से कहीं बेहतर था। इसके लिए उन्होंने भारत सरकार का भी धन्यवाद किया।
डेविड ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें भारत के सरकारी अस्पताल से अच्छी सुविधा मिली हो। इससे पहले उन्हें एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उस समय भी उन्होंने सरकारी अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन और इलाज मुफ्त में कराया था। तब भी उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई और डॉक्टरों के काम की तारीफ की थी।
डेविड का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। कई लोग उनके अनुभव की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि हर सरकारी अस्पताल का अनुभव अलग हो सकता है। फिर भी डेविड का कहना है कि भारत के सरकारी अस्पताल में उन्हें बहुत अच्छी सुविधा मिली और वह इससे काफी खुश हैं।

