जर्मनी की राजधानी बर्लिन में प्राइड समारोह के दौरान भीड़ में वैन घुसाने वाले इस्लामी हमलावर अब्दुल बल्लौत को पुलिस ने रविवार (26 जुलाई 2026) को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस ने शहर के स्पैंडाऊ इलाके में तलाशी अभियान के दौरान उसे घेर लिया था, जहाँ वह हाथ में धारदार हथियार लेकर पुलिसवालों की तरफ झपटा था।
बर्लिन पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 6 बजे स्पानडाउ के एक गार्डन इलाके में छिपे अब्दुल बल्लौत का पता चला था। जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वह चाकू या धारदार हथियार लेकर पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए दौड़ पड़ा।
Germany: The suspect in the deadly Berlin Pride attack, which left one person dead and 29 others injured, has been shot dead by German police following a nearly 24-hour manhunt. The suspect, identified as Abdul Ballout, a German citizen of Lebanese origin, was killed during a… pic.twitter.com/76crkMSpZ6
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 27, 2026
अपनी जान बचाने के लिए पुलिस ने उस पर गोली चला दी। इसके बाद दमकल विभाग की टीम ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जर्मनी के संघीय अभियोजक के प्रवक्ता ने भी इस एनकाउंटर और मौत की पुष्टि कर दी है।
प्राइड समारोह के दौरान भीड़ पर चढ़ाई थी मिनीवैन
यह हमला शनिवार (25 जुलाई) की रात करीब 10 बजे टियरगार्टन पार्क (Tiergarten Park) में ब्रांडेनबर्ग गेट (Brandenburg Gate) के पास हुआ था, जहाँ क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे प्राइड समारोह के लिए हजारों लोग जुटे हुए थे। यह आयोजन यूरोप के सबसे बड़े वार्षिक LGBTQ प्राइड कार्यक्रमों में से एक माना जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, एक मिनीवैन भीड़ में घुस गई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। इस घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई और प्राइड समारोह के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ गईं।
लेबनानी मूल का था आरोपित, पहले भी एजेंसियों के रडार पर था अब्दुल
रविवार (26 जुलाई 2026) को बर्लिन पुलिस ने संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय अब्दुल बल्लौत के रूप में करते हुए उसकी तस्वीर जारी की थी और लोगों से उसे तलाशने में मदद माँगी थी। जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट (Alexander Dobrindt) ने बताया कि आरोपित लेबनानी मूल का जर्मन नागरिक था, जिसका जन्म 2005 में जर्मनी में हुआ था।
उन्होंने कहा कि कई आपराधिक मामलों, कट्टरपंथ की ओर झुकाव (Radicalisation) और इस्लामवादी नेटवर्क (Islamist network) से संबंधों के कारण वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के संज्ञान में आ चुका था। अधिकारियों का कहना है कि जर्मनी में हाल के वर्षों में भीड़ पर वाहन चढ़ाने जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है।
इन घटनाओं के बाद देश में सुरक्षा, आव्रजन (Immigration) और सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety) को लेकर बहस तेज हो गई है, वहीं दक्षिणपंथी (Far-right) राजनीतिक दलों के समर्थन में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) ने लोगों से लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की है।
उन्होंने कहा, “हम अपने जीवन और समाज की स्वतंत्रता, खुलेपन और उदारवादी भावना की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।” उन्होंने नागरिकों से जर्मनी की पहचान बने इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।

