पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। शनिवार (4 जुलाई 2026) की शाम घर से बाहर निकली किशोरी का शव रविवार (5 जुलाई 2026) की सुबह सूर्यपुर हाट के पास एक तालाब से बरामद हुआ।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि चार लोगों ने उसका अपहरण किया, दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
CM शुभेंदु ने सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा, सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के पिता से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने मंगलवार (7 जुलाई 2026 को पीड़ित परिवार को भवानी भवन बुलाया है।
मामले में लोकसभा सांसद सायोनी घोष ने कहा, “मैंने माननीय मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। गिरफ्तारियां की जा रही हैं, एक SIT का गठन किया गया है, वे पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द न्याय किया जाएगा।”
वहीं आईजी (प्रेसिडेंसी रेंज) कंकर प्रसाद बारुई ने कहा है कि किशोरी के शव का जल्द पोस्टमार्टम कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सही कारण और दुष्कर्म की पुष्टि होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
शव मिलने के बाद हिंसक प्रदर्शन, सड़क-रेल जाम; भीड़ ने एक संदिग्ध को उतारा मौत के घाट
किशोरी शनिवार (4 जुलाई 2026) की शाम घर से सामान खरीदने निकली थी। अगले दिन सुबह बोरी में भरा उसका शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और सूर्यपुर स्टेशन पर प्रदर्शन करते हुए सियालदह-नामखाना रेल मार्ग को भी करीब एक घंटे तक बाधित रखा।
प्रदर्शन के दौरान एक उग्र भीड़ ने मामले में संलिप्त होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस पर पथराव भी हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ द्वारा की गई हत्या की घटना की भी अलग से जाँच शुरू कर दी है।

