केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट का दौरा कर बीएसएफ (BSF) के जवानों में नया जोश भरा। भीषण गर्मी के बीच सीमा प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सुरक्षा का दायित्व सिर्फ जीरो लाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा से 50 किलोमीटर भीतर तक की असामान्य गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी।
गृहमंत्री ने देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एक नए ‘फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड’ (चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड) का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों और आंतरिक दुश्मनों से निपटने के लिए बीएसएफ, सेना, स्थानीय नागरिकों और राज्य सरकार को मिलकर एक साझा जिम्मेदारी वाले मॉडल पर काम करना होगा।
ड्रोन से होने वाली हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताते हुए गृहमंत्री ने तकनीकी आधुनिकीकरण का भरोसा दिया। शाह ने कहा, “भारत सरकार अगले छह महीने में ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी। ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है, इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए।”
Interacted with our brave BSF personnel over high tea at the Sanchu Border Outpost, in Bikaner. pic.twitter.com/BNCYCv5B5v
— Amit Shah (@AmitShah) May 26, 2026
अमित शाह ने 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीति में आए बड़े बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने जवानों की वीरता की सराहना करते हुए कहा, “जब से बीएसएफ की स्थापना हुई तब से इन सीमा प्रहरियों ने ना धूप देखी ना ठंड देखी, बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर, 45 डिग्री सेल्सियस तापमान से लेकर -45 डिग्री सेल्सियस तापमान तक हमारे सीमा प्रहरियों ने भारत की सीमाओं की सुरक्षा का जो उनको दायित्व सौंपा गया है, उसको बहुत अच्छे तरीके से वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ निभाया है।”
अगले 20 दिनों तक सीमावर्ती राज्यों में रहेंगे HM शाह
घुसपैठ और सिक्योरिटी ग्रिड को मजबूत करने के लिए गृहमंत्री अगले 20 दिनों में चार प्रमुख सीमावर्ती राज्यों का दौरा करेंगे और वहाँ रात भी बिताएँगे। बीकानेर के बाद वे 29 मई को गुजरात के भुज और रणनीतिक रूप से संवेदनशील ‘हरामीनाला’ इलाके का रुख करेंगे। इसके बाद 5 जून को त्रिपुरा और 15 जून को पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ और तस्करी पर बड़ी बैठकें करेंगे।
अंत में गृहमंत्री ने दुश्मनों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “जहाँ-जहाँ आतंकियों ने बड़े हमले करने की कोशिश की, वहाँ भारत ने पूरी कठोरता से जवाब दिया है। स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमला होने के बाद जवाब देना पड़े। हमारी जिम्मेदारी ऐसी मजबूत सीमाएं बनाना है कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके।”

