कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके के बारे में हर कोई जानना चाहता है, आखिर वो हैं कौन और कैसे एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हुए उन्होंने विदेश में पढ़ाई की। यही जानने के लिए गुजरात के सूरत के एक RTI एक्टिविस्ट ने अभिजीत दिपके के पिता की संपत्ति और CJP के लिए घोषित लीगल डिफेंस फंड की वित्तीय जाँच की माँग की है।
इस बारे में जानकारी देते हुए शनिवार (01 अगस्त 2026) को RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग और सेंट्रल GST को पत्र लिखा है। पत्र में माँग की है कि अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली CJP की फंडिंग को लेकर वित्तीय जाँच करे।
इसके अलावा उन्होंने अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके के वित्तीय बैकग्राउंड की जाँच की भी माँग की है। उनका कहना है कि भगवानराव दिपके महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी हैं, तो फिर एक रिटायर्ड कर्मचारी के पास अपने बेटे की विदेश में उच्च शिक्षा के लिए पैसे कहाँ से आए, इसकी जाँच होनी चाहिए।
अमित तिवारी ने CJP के वैधानिक अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी एक गैर-पंजीकृत संस्था है, लेकिन ये एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है। अगर इसे लीगल डिफेंस फंड के रूप में ₹1 करोड़ दिए जा रहे हैं, तो चुनाव आयोग को ये जाँच करनी चाहिए कि क्या CJP जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत रजिस्टर्ड है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर CJP रजिस्टर्ड नहीं है, तो इसका राजनीतिक दल के नाम पर आगे बढ़ना और फंड जुटाना जाँच का विषय है।
इसी के साथ अमित तिवारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) को भी पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के CJP को ₹1 करोड़ का फंड देने पर 18 प्रतिशत GST के भुगतान की जाँच करने की माँग की है। उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को CJP प्रदर्शन के दौरान हिंसक गतिविधियों में लिप्त प्रदर्शकारियों पर दिल्ली पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की, इन प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने के लिए कपिल सिब्बल ने ₹1 करोड़ की सहायता देने का ऐलान किया था।

