भारत और कनाडा ने आपसी सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। दोनों देशों ने यह तय किया है कि वे एक-दूसरे के देश में सुरक्षा औऱ कानून-प्रवर्तन से जुड़े विशेष संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) तैनात करेंगे। यह फैसला भारत के राष्ट्रीय सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की 6 और 7 फरवरी 2026 को ओटावा यात्रा के दौरान हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद लिया गया है।
इस दौरान अजीत डोभाल ने कनाडा की नेशनल सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एडवाइजर और प्रिवी काउंसिल की डिप्टी क्लर्क नथाली जी डूइन से मुलाकात की। साथ ही कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मंत्री गैरी अनंदसंगरी से भी बातचीत हुई। दोनों सरकारों की ओर से जारी आधिकारिक बयानों के मुताबिक, भारत और कनाडा ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-प्रवर्तन के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साझा कार्ययोजना (वर्कप्लान) पर सहमति जताई है।
इस कार्ययोजना का सबसे अहम हिस्सा एक-दूसरे के यहाँ लायजन ऑफिसर की नियुक्ति है। बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान यह सहमति बनी के दोनों देश सुरक्षा और कानून-प्रवतर्न से जुड़े संपर्क अधिकारी तैनात करेंगे और उनकी संबंधित एजेंसियाँ पहले से मौजूद कार्य संबंधों को और मजबूत करेंगी। इसका मकदम दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल, जानकारी का आदान-प्रदान और आपसी विश्वास को बढ़ाना है।
इस अहम कदम से भारत और कनाडा के बीच आपसी बातचीत और तालमेल को आसान बनाया जा सकेगा। इससे दोनों देशों से जुड़े साझा मुद्दों पर समय रहते जानकारी साझा हो पाएगी। इनमें खासतौर पर अवैध ड्रग्स की तस्करी, विशेष रूप से फेंटेनाइल से जुड़े कच्चे माल की गैरकानूनी सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
लायजन ऑफिसर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक तय संपर्क बिंदु के तौर पर काम करेंगे। इससे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, संगठित अपराध और अन्य सीमापार खतरों पर भारत और कनाडा की एजेंसियों के बीच तेज और सीधा समन्वय संभव हो सकेगा।
इसके अलावा दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा नीति पर सहयोग को औपचारिक रूप देने और साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों में जानकारी साझा करने पर भी सहमति जताई है। साथ ही धोखाधड़ी और इमिग्रेशन कानूनों को लागू करने से जुड़े मामलों में सहयोग पर बातचीत जारी रखने का फैसला भी किया गया है, जो दोनों देशों के घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के अनुरूप होगा।
भारत और कनाडा ने माना है कि दोनों देशों और उनके नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चल रही पहलों में अच्छी प्रगति हुई है। इस दिशा में दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साझा कार्ययोजना पर सहमति जताई है, ताकि अपनी-अपनी प्राथमिकताओं पर व्यावहारिक और असरदार तरीके से मिलकर काम किया जा सके।
अजीत डोभाल की यह यात्रा भारत-कनाडा रिश्तों में आई नरमी को और आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है। इससे पहले दोनों देशों के संबंध उस समय तनाव में आ गए थे, जब कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन टूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। हालाँकि हाल के महीनों में दोनों पक्षों ने संतुलित और सोच-समझकर कदम उठाए हैं ताकि हालात सामान्य हो सकें। इनमें एक-दूसरे की राजधानियों में हाई कमिश्नरों की वापसी और वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर लगातार बैठकों और बातचीत का सिलसिला शामिल है।

